शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


अप्रैल 08, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश - दी मुधोल सहकारी बैंक लिमिटेड, जिला-बागलकोट, कर्नाटक - अवधि का विस्तार
अप्रैल 01, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – हिंदू को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पठानकोट, पंजाब-विस्तार
मार्च 31, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 A के अंतर्गत निदेश – दी सीकेपी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 - (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35ए के अंतर्गत निदेश – वसंतदादा नागरी सहकारी बैंक लि. उस्मानाबाद, महाराष्ट्र – अवधि विस्तार
शिवम सहकारी बैंक लिमिटेड, इचलकरंजी, जि. कोल्हापुर, महाराष्ट्र - निदेश की अवधि का विस्तार
मार्च 26, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक ने यू.पी. सिविल सेक्रेटेरिएट प्राइमरी को-आपरेटिव बैंक लि., लखनऊ (उत्तर प्रदेश) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 35 (क) के अंतर्गत जारी निदेश की वैधता अवधि को बढ़ाया
मार्च 23, 2020
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (सहकारी सोसायटियों पर यथालागू) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – श्री आनंद को-ओपेरटिव बैंक लि., चिंचवड, पुणे, महाराष्ट्र
मार्च 21, 2020
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र
मार्च 19, 2020
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत सर्व-समावेशी निदेशों का वापस लिया जाना - श्री भारती को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, हैदराबाद
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष