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बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – जून 2026

31 जुलाई 2026

बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – जून 2026

वर्ष 2026 के जून माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एससीबी1 के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।

वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर, खाद्येतर बैंक ऋण2 30 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 18.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि यह पिछले वर्ष (अर्थात, 27 जून 2025) के इसी पखवाड़े में 9.3 प्रतिशत था।

30 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • कृषि और संबद्ध कार्यकलापों हेतु प्रदत्त ऋण में 16.8 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 6.8 प्रतिशत थी।

  • उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 19.2 प्रतिशत (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 6.3 प्रतिशत थी) की मजबूत संवृद्धि दर्ज की गई। सभी उपक्षेत्रों, जैसे, ‘सूक्ष्म और लघु’ तथा ‘मध्यम’ एवं ‘बड़े’ उद्योगों में व्यापक आधार पर विस्तार पाया गया। प्रमुख उद्योगों में, ‘अवसंरचना’, ‘सभी अभियांत्रिकी’, ‘खाद्य प्रसंस्करण’, ‘कपड़ा’, ‘निर्माण’, ‘मूल धातु एवं धातु से बने उत्पाद’, ‘पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन’ तथा ‘रसायन और रासायनिक उत्‍पाद’ को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष मजबूत संवृद्धि देखी गई। तथापि, ‘रबड़, प्लास्टिक एवं उनके उत्पाद’ और ‘लकड़ी एवं लकड़ी से बने उत्पाद’ वाले क्षेत्रों में बढ़ोतरी थोड़ी कम रही।

  • सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 21.4 प्रतिशत की दर से संवृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 8.8 प्रतिशत थी), जिसे ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी), ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’, और ‘व्यापार’ जैसे क्षेत्रों में तेजी से हुई संवृद्धि से मदद मिली।

  • वैयक्तिक ऋण क्षेत्र हेतु प्रदत्त ऋण में 15.8 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह एक वर्ष पहले 11.7 प्रतिशत थी। जहां ‘वाहन ऋण’ और ‘आवास’ जैसे क्षेत्रों में लगातार दो अंकों में संवृद्धि दर्ज की गई, वहीं ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ क्षेत्र में संवृद्धि धीमी हुई।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/789


1 आंकड़े महीने के अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े से संबंधित हैं, जो क्षेत्रवार और उद्योग-वार बैंक ऋण (एसआईबीसी) विवरणी पर आधारित हैं। 31 दिसंबर 2025 से, बैंकिंग विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े की परिभाषा को बदलकर महीने का अंतिम दिन कर दिया गया है। तदनुसार, दिसंबर 2025 से वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दरें चालू वर्ष के लिए महीने के अंत के आंकड़ों और पिछले वर्ष के इसी महीने के लिए अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े (पुरानी परिभाषा के अनुसार) के आंकड़ों पर आधारित हैं।

2 खाद्येतर ऋण संबंधी आंकड़े धारा-42 विवरणी पर आधारित हैं, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) शामिल हैं।


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