विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम


विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (द्वितीय संशोधन) विनियमावली, 2018

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई-400 001

अधिसूचना सं.फेमा.20(R)(3)/2018-आरबी

30 अगस्त 2018

विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (द्वितीय संशोधन) विनियमावली, 2018

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 6 की उप-धारा (3) के खंड (बी) तथा धारा-47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एतद्द्वारा समय-समय पर यथा-संशोधित विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) विनियमावली, 2017 (दिनांक 07 नवंबर 2017 की अधिसूचना सं.फेमा 20(आर)/2017-आरबी) (जिसे इसके पश्चात “मूल विनियमावली” कहा गया है) में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात:-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ

(i) इन विनियमों को विदेशी मुद्रा प्रबंध (भारत के बाहर के निवासी किसी व्यक्ति द्वारा प्रतिभूति का अंतरण अथवा निर्गम) (द्वितीय संशोधन) विनियमावली, 2018 कहा जाएगा।

(ii) यह विनियमावली सितंबर - 2018 माह के पहले दिन से लागू होगी।

2. विनियम - 13 में संशोधन

(i) उप-विनियम 13.1 के मौजूदा खंड (1) को हटा दिया गया है।

(ii) उप-विनियम 13.1 के मौजूदा खंड (11) को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है ; अर्थात :

(11) डाउनस्ट्रीम निवेश

(i) कोई भारतीय एंटीटी अथवा निवेश माध्यम, जिसने किसी अन्य भारतीय एंटीटी में डाउनस्ट्रीम निवेश किया है, और जिसे इस विनियमावली के तहत निवेश प्राप्तकर्ता भारतीय एंटीटी हेतु अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है, ऐसे निवेश करने के 30 दिन के भीतर औद्योगिक सहायता सचिवालय, डीआईपीपी को अधिसूचित करेगी तथा ऐसा नए/ विद्यमान उद्यमों में निवेश के प्रकारों (विस्तार कार्यक्रम सहित अथवा उसके बिना) सहित पूंजीगत लिखतों का आबंटन नहीं करने के बावजूद भी किया जाएगा।

(ii) “फ़ॉर्म डी.आई. भारतीय एंटीटी अथवा किसी निवेश माध्यम (वेहिकल), जिसने किसी अन्य भारतीय एंटीटी में डाउनस्ट्रीम निवेश किया है, और जिसे इस विनियमावली के विनियम-14 के तहत निवेश प्राप्तकर्ता भारतीय एंटीटी हेतु अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है, को इस प्रकार की पूंजीगत लिखतों के आबंटन की तारीख से 30 दिनों के भीतर रिज़र्व बैंक के पास फ़ॉर्म डी.आई. फ़ाइल करना होगा।

(iii) उप-विनियम 13.1 के मौजूदा खंड (12) के पश्चात निम्नलिखित को खंड (13) के रूप में जोड़ दिया गया है: अर्थात :

(13) “फ़ॉर्म इनवी (InVi) : कोई निवेश माध्यमों (वेहिकल) जिसने भारत के बाहर के निवासी व्यक्ति को अपने यूनिट जारी किए हैं, वे ऐसे यूनिटों के निर्गम की तिथि के 30 दिनों के भीतर रिज़र्व बैंक के पास फ़ॉर्म इनवी (InVi) फ़ाइल करेंगे।

(अजय कुमार मिश्र)
मुख्य महाप्रबंधक


पाद टिप्पणी :

मूल विनियमावली दिनांक 7 नवम्बर 2017 के जी.एस.आर.सं.1374(ई) द्वारा भारत सरकार के सरकारी राजपत्र के भाग II, खंड-3, उप-खंड(i) में प्रकाशित की गई थी और बाद में संशोधन के तहत

सा का नि 279(अ) दिनांक 26 मार्च, 2018
सा का नि 520(अ) दिनांक 01 जून, 2018
सा का नि 823(अ) दिनांक 30 अगस्त, 2018


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