विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम


जी.एस.आर. सं. 166(ई) - 25.11.2016

भारतीय रिज़र्व बैंक
विदेशी मुद्रा विभाग
केंद्रीय कार्यालय
मुंबई - 400 001

25 नवंबर 2016

शुद्धिपत्र

विदेशी मुद्रा विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक की दिनांक 15 फरवरी 2016 को जारी अधिसूचना सं. फेमा.362/2016-आरबी, जो जी.एस.आर. सं. 166(ई) के तहत भारत सरकार के राजपत्र, असाधारण, भाग-।।, खंड 3, उप-खंड (i) में प्रकाशित हुई थी (जिसे इसके पश्चात गज़ट अधिसूचना कहा गया है), में -

2. पैराग्राफ 2 सी (iv) में, क्र. सं. 9.3 एवं 9.3.1 को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात:

9.3 हवाई परिवहन सेवाएं    
  (1) (ए) अनुसूचित हवाई परिवहन सेवा/घरेलू अनुसूचित हवाई यात्री सेवा

(बी) क्षेत्रीय हवाई परिवहन सेवाएं
49%

(NRI के लिए 100%)
स्‍वचालित
  (2) गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन सेवा 100% स्‍वचालित
  (3) हेलीकॉप्‍टर सेवा/ समुद्री विमान सेवाएँ जिनके लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) का अनुमोदन आवश्‍यक है। 100% स्‍वचालित
9.3.1 अन्य शर्तें    
 

ए) हवाई परिवहन सेवाओं में घरेलू अनुसूचित यात्री एयरलाइन; गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन सेवाएं, हेलीकॉप्‍टर और समुद्री विमान सेवाएं शामिल हैं।

(बी) विदेशी एयरलाइनों को उपर्युक्‍त में दी गई सीमाओं और प्रवेश मार्गों के अनुसार कार्गो एयरलाइन, हेलीकॉप्‍टर और समुद्री विमान को परिचालित करने वाली कंपनी की इक्विटी में भागीदारी करने की अनुमति है।

(सी) विदेशी एयरलाइनों को अनुसूचित और गैर-अनुसूचित विमान परिवहन सेवाओं को परिचालित करने वाली भारतीय कंपनियों की पूंजी में उनकी प्रदत्त-पूंजी के 49% की सीमा तक निवेश करने की भी अनुमति है। ऐसे निवेश निम्‍नलिखित शर्तों के अधीन होंगे:

(i) यह सरकारी अनुमोदन मार्ग के तहत किया जाएगा।

(ii) 49% की सीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) / विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) निवेश शामिल होंगे।

(iii) किए गए निवेश के लिए सेबी के सुसंगत विनियमों जैसे पूंजी को जारी करना और प्रकटीकरण की अपेक्षाओं संबंधी (ICDR) विनियमों/ शेयरों के पर्याप्‍त अर्जन और अधिग्रहण (SAST) संबंधी विनियमों के साथ-साथ अन्‍य लागू नियमों और विनियमों का पालन करना आवश्‍यक होगा।

(iv) अनुसूचित ऑपरेटर परमिट केवल उस कंपनी को दिए जा सकते हैं:

  1. जो पंजीकृत है और उसके व्यवसाय का मुख्य स्थान भारत में सीमित हो;

  2. उसका अध्यक्ष और कम से कम दो तिहाई निदेशक भारत के नागरिक हों; और

  3. भारतीय नागरिकों के पास पर्याप्त स्वामित्व और प्रभावी नियंत्रण हो।

(v) ऐसे निवेशों के परिणामस्‍वरूप भारतीय अनुसूचित और गैर-अनूसूचित हवाई परिवहन सेवाओं के साथ जुड़ने वाले सभी विदेशी नागरिकों को तैनाती से पहले सुरक्षा संबंधी क्लियरेंस लेना होगा; और

(vi) ऐसे निवेशों के परिणामस्‍वरूप भारत में आयातित होने वाले सभी प्रकार के तकनीकी उपकरणों के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संबंधित प्राधिकारियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अपेक्षित होगा।

टिप्‍पणी: (i) उपर्युक्‍त पैरा 9.3(1) और 9.3(2) में वर्णित प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश सीमा/ प्रवेश मार्ग, उन स्थितियों में लागू है, जहां विदेशी एयरलाइनों द्वारा कोई भी निवेश नहीं किया गया हो।

(ii) 100% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने के संबंध में अनिवासी भारतीयों (NRI) को प्राप्त छूट उपर्युक्त मद 9.3.1(सी) (ii) में विनिर्दिष्ट निवेश क्षेत्र/ दायरे पर भी लागू बनी रहेगी।

(iii) उपर्युक्त मद 9.3.1(सी) में उल्लिखित नीति मेसर्स एयर इंडिया लिमिटेड पर लागू नहीं है।

3. गज़ट अधिसूचना की अन्य विषयवस्तु अपरिवर्तित बनी रहेगी।

(शेखर भटनागर)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक


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