बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भाषण


सितंबर 23, 2019
बैंकों में अनुपालन कार्यप्रणाली संबंधी विनियामकीय और पर्यवेक्षी प्रत्याशाएं - एम.के.जैन 188.00 kb
जून 17, 2019
केंद्रीय बैंकों की बढ़ती हुई भूमिका - शक्तिकान्त दास 226.00 kb
जून 08, 2019
बैंकिंग परिदृश्य : वर्तमान स्थिति और भावी दिशा - शक्तिकान्त दास 228.00 kb
नवंबर 02, 2018
क्रेडिट जोखिम और बैंक पूंजी विनियमन पर मेरे विचार - श्री एन.एस. विश्‍वनाथन, उप गवर्नर द्वारा 29 अक्‍तूबर 2018 को एक्‍सएलआरआई, जमशेदपुर में दिया गया भाषण 548.00 kb
अक्टूबर 12, 2018
त्वरीत सुधारात्मक कार्रवाई : वित्तीय स्थिरता फ्रेमवर्क का एक अनिवार्य तत्व - डॉ विरल वी आचार्य 648.00 kb
सितंबर 20, 2018
निर्वारक सतर्कता – सरकारी क्षेत्र के संस्थानों में सुशासन का सर्वप्रमुख साधन – डॉ. उर्जित. आर. पटेल 208.00 kb
अप्रैल 18, 2018
ऋणदाताओं और उधारकर्ताओं के लिए कारोबार अब सामान्य /पहले जैसा नहीं रहा – एन.एस.विश्वनाथन 393.00 kb
मार्च 14, 2018
बैंकिंग विनियामकीय शक्तियां स्वामित्व निरपेक्ष होनी चाहिए - उर्जित आर पटेल 200.00 kb
दिसंबर 15, 2017
वित्तीय प्रणाली और समष्टि अर्थव्यवस्था पर कैफराल सम्मेलन : उद्घाटन वक्त्व्य - उर्जित आर पटेल 146.00 kb
सितंबर 07, 2017
अधुरी कार्यसूची: भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के स्वास्थ्य को पुन: बहाल करना - विरल वी. आचार्य 793.00 kb
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