बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भाषण


सितंबर 13, 2021
खाता संग्रहक के लिए नियामक ढांचा - आईस्पिरिट द्वारा 2 सितंबर 2021 को आयोजित आभासी कार्यक्रम के दौरान श्री एम. राजेश्वर राव, उप गवर्नर की टिप्पणियाँ 257.00 kb
मई 05, 2021
गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 338.00 kb
अप्रैल 16, 2021
भारत में मुक्त (ओपन) बैंकिंग – एम. राजेश्वर राव 319.00 kb
फरवरी 25, 2021
वृद्धि के लिए नए अवसरों का सृजन - शक्तिकांत दास 299.00 kb
अगस्त 27, 2020
बैंकों के लिए गहरे आत्ममंथन का समय: कोविड के बाद बैंकों का पुनरभिमुखीकरण - शक्तिकांत दास 185.00 kb
फरवरी 24, 2020
21 वीं सदी में बैंकिग परिदृश्य - शक्तिकांत दास 272.00 kb
नवंबर 28, 2019
वित्तीय समावेशन के अगले दौर में सूक्ष्म वित्त - एम.के.जैन 226.00 kb
नवंबर 16, 2019
चौराहे पर भारतीय बैंकिंग: कुछ विचार - शक्तिकांत दास 243.00 kb
सितंबर 23, 2019
बैंकों में अनुपालन कार्यप्रणाली संबंधी विनियामकीय और पर्यवेक्षी प्रत्याशाएं - एम.के.जैन 188.00 kb
जून 17, 2019
केंद्रीय बैंकों की बढ़ती हुई भूमिका - शक्तिकान्त दास 226.00 kb
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