बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भाषण


मार्च 02, 2017
निवेशक की रुचि में सुधार लाना- हाल के विधायी और विनियामकीय उपाय- आर गांधी 222.00 kb
फरवरी 21, 2017
बैंक की दबावग्रस्त आस्तियों का दृढ़तापूर्वक समाधान करने के कुछ तरीके- विरल वी.आचार्य 213.00 kb
फरवरी 20, 2017
एमएसएमई वित्तपोषण: बैंक और वित्तीय प्रोद्योगिकी (फिनटेक)-प्रतिस्पर्धा,सहकार्य अथवा प्रतिस्पर्धी सहकार्य ?- एस.एस.मुंदड़ा 204.00 kb
सितंबर 30, 2016
प्राथमिकताओं का सटीक निर्धारण - एस.एस.मूंदड़ा 227.00 kb
सितंबर 28, 2016
कमजोर वैश्विक परिवेश में वित्तीय स्थिरता - एस.एस.मूंदड़ा 138.00 kb
सितंबर 07, 2016
भारतीय बैंकों की आस्ति गुणवत्ता: भावी दिशा - एन.एस.विश्वनाथन 442.00 kb
सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र में साइबर जोखिम-चिंता की उभरती लकीरें - एस.एस.मूंदड़ा 230.00 kb
अगस्त 24, 2016
बैंकिंग क्षेत्र सुधार: गंतव्य नहीं, एक यात्रा है - एस.एस.मूंदड़ा 125.00 kb
अगस्त 23, 2016
एमएसएमई उधार की एबीसीडी- एस.एस.मुंदड़ा 145.00 kb
अगस्त 18, 2016
बैंकिंग के नए प्रतिमान-बैंकिंग आवश्यक है किन्तु बैंक नहीं-क्या सचमुच?- आर गांधी 132.00 kb
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