बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भाषण


फरवरी 24, 2020
21 वीं सदी में बैंकिग परिदृश्य - शक्तिकांत दास 272.00 kb
नवंबर 28, 2019
वित्तीय समावेशन के अगले दौर में सूक्ष्म वित्त - एम.के.जैन 226.00 kb
नवंबर 16, 2019
चौराहे पर भारतीय बैंकिंग: कुछ विचार - शक्तिकांत दास 243.00 kb
सितंबर 23, 2019
बैंकों में अनुपालन कार्यप्रणाली संबंधी विनियामकीय और पर्यवेक्षी प्रत्याशाएं - एम.के.जैन 188.00 kb
जून 17, 2019
केंद्रीय बैंकों की बढ़ती हुई भूमिका - शक्तिकान्त दास 226.00 kb
जून 08, 2019
बैंकिंग परिदृश्य : वर्तमान स्थिति और भावी दिशा - शक्तिकान्त दास 228.00 kb
नवंबर 02, 2018
क्रेडिट जोखिम और बैंक पूंजी विनियमन पर मेरे विचार - श्री एन.एस. विश्‍वनाथन, उप गवर्नर द्वारा 29 अक्‍तूबर 2018 को एक्‍सएलआरआई, जमशेदपुर में दिया गया भाषण 548.00 kb
अक्टूबर 12, 2018
त्वरीत सुधारात्मक कार्रवाई : वित्तीय स्थिरता फ्रेमवर्क का एक अनिवार्य तत्व - डॉ विरल वी आचार्य 648.00 kb
सितंबर 20, 2018
निर्वारक सतर्कता – सरकारी क्षेत्र के संस्थानों में सुशासन का सर्वप्रमुख साधन – डॉ. उर्जित. आर. पटेल 208.00 kb
अप्रैल 18, 2018
ऋणदाताओं और उधारकर्ताओं के लिए कारोबार अब सामान्य /पहले जैसा नहीं रहा – एन.एस.विश्वनाथन 393.00 kb
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष