वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

विहंगावलोकन

  • अच्छी तरह से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के लिए अपरिहार्य जोखिमों का आवंटन और उनके समावेशन में सहायक हैं।
  • रिज़र्व बैंक के विनियामक क्षेत्राधिकार में आने वाले प्रमुख बाजार खंडों में सरकारी प्रतिभूति बाजार और मुद्रा बाजार सहित ब्याज दर बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार, ब्याज दरों/मूल्यों, रिपो, विदेशी मुद्रा दर पर डेरिवेटिव्ज और क्रेडिट डेरिवेटिव्ज शामिल हैं।

व्यापक विनियामक ढांचा और लिखतें

ओटीसी बाजार सुधारों का कार्यान्वयन

आगे


वित्तीय प्रणाली की सुदृढ़ता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने और जोखिम कम करने के लिए रिज़र्व बैंक ने भारतीय निर्धारित आय, मुद्रा बाजार और डेरिवेटिव संघ (फिम्डा) और भारतीय विदेशी मुद्रा व्यापारी संघ (एफईडीएआई) जैसे उद्योग निकायों को क्रमशः रुपया ब्याज दर और विदेशी मुद्रा बेंचमार्क के लिए बेंचमार्क प्रशासक के रूप में पदनामित किया है। फिम्डा, एफईडीएआई और भारतीय बैंक संघ ने तब से संयुक्त रूप से बेंचमार्क संचालन के लिए एक स्वतंत्र कंपनी बनाई है। बैंकों और प्राथमिक व्यापारियों की बेंचमार्क प्रस्तुत करने संबंधी कार्यकलाप जिनमें प्रस्तुतीकरण हेतु उनका अभिशासन ढांचा शामिल है, को रिज़र्व बैंक के आन-साइट और आफ-साइट पर्यवेक्षण के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है।

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