विदेशी मुद्रा प्रबंधक

भारतीय रुपए के बाहरी मूल्‍य के निर्धारण के लिए बाज़ार-आधारित प्रणाली में परिवर्तन के साथ विदेशी मुद्रा बाज़ार ने सुधार अवधि की शुरुआत से ही भारत में ज़ोर पकड़ा है।

अधिसूचनाएं


‘एपी-कनेक्ट’ - संपूर्ण मुद्रा परिवर्तकों और गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन

भा.रि.बैंक/2023-24/13
ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं.01

06 अप्रैल 2023

सेवा में,

संपूर्ण मुद्रा परिवर्तक और गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II

महोदया/ महोदय,

‘एपी-कनेक्ट’ - संपूर्ण मुद्रा परिवर्तकों और गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन

संपूर्ण मुद्रा परिवर्तकों और गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II का ध्यान दिनांक 06 मार्च 2006 के ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं.25, जिसमें एडी-श्रेणी-II को लाइसेन्स जारी करने / रिपोर्टिंग संबंधी अनुदेश दिये गए हैं, मुद्रा परिवर्तन गतिविधियों पर जारी दिनांक 01 जनवरी 2016 के मास्टर निदेश (समय-समय पर यथासंशोधित), जिसमें एफ़एफ़एमसी को लाइसेन्स जारी करने और उसके नवीकरण तथा मुद्रा परिवर्तन के संबंध में दिशा-निर्देश दिये गए हैं; इसके साथ-साथ धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) पर दिनांक 22 फरवरी 2017 को जारी मास्टर निदेश (समय-समय पर यथासंशोधित) जिसमें एमटीएसएस के अंतर्गत बने भारतीय एजेंटों को दिशा-निर्देश दिये गए हैं, की ओर आकृष्ट किया जाता है।

2. एफएफएमसी, गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II के रूप में लाइसेन्स संबंधी आवेदनों को प्रोसेस करने, एमटीएसएस के अंतर्गत एजेंट के रूप में अधिकार-पत्र प्राप्त करने, इन लाइसेंसों के नवीनीकरण/ अधिकार-पत्र प्राप्त करने, मौजूदा निर्देशों के अनुसार अनुमोदन प्राप्त करने तथा एफएफएमसी और गैर-बैंक एडी श्रेणी-II द्वारा विभिन्न सारणियाँ/ विवरणियाँ प्रस्तुत करने के लिए 'एपी-कनेक्ट' नामक एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन विकसित किया गया है। यह एप्लिकेशन 'https://apconnect.rbi.org.in/entity' पर उपलब्ध है।

3. एपी-कनेक्ट एप्लिकेशन में मुख्यतः निम्नलिखित सुविधाएं/ कार्य शामिल हैं:

  1. नई कंपनियों के साथ-साथ मौजूदा प्राधिकृत व्यक्तियों (एफएफएमसी/ गैर-बैंक एडी श्रेणी-II/ एडी श्रेणी-II के रूप में पात्र गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) का पंजीकरण और उनकी लाइसेंसिंग

  2. नई शाखाओं का पंजीकरण

  3. अस्थायी मुद्रा परिवर्तन सुविधाओं के लिए पंजीकरण

  4. फ्रेंचाइजी का पंजीकरण

  5. धन अंतरण सेवा योजना (एमटीएसएस) के तहत भारतीय एजेंटों के रूप में अधिकार-पत्र प्राप्त करना

  6. एफएफएमसी का गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II के रूप में में उन्नयन

  7. लाइसेंसों का नवीनीकरण

  8. विदेशी मुद्रा खाते खोलना

  9. पात्र संस्थाओं के नोस्ट्रो खाते खोलना

  10. लाइसेंस का स्वैच्छिक समर्पण

  11. विदेशी मुद्रा नोटों को बट्टे खाते में डालना

  12. विवरणियाँ/ सारणियाँ प्रस्तुत करना

4. मौजूदा एफएफएमसी/ गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II इस परिपत्र के जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर उपर्युक्त पैरा 2 में दी गई वेब-लिंक के माध्यम से स्वयं को एपी-कनेक्ट एप्लिकेशन पर पंजीकृत करा लें। एपी-कनेक्ट एप्लिकेशन पर पंजीकरण के बाद, संस्थाओं द्वारा उपर्युक्त पैरा 3 में सूचीबद्ध विभिन्न सुविधाओं के लिए अनुरोध/ अनुमोदन हेतु आवेदन और विवरणियों का प्रस्तुतिकरण एपी-कनेक्ट एप्लिकेशन के माध्यम से ही किया जाए। एफएफएमसी और गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II इस संबंध में रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करें।

5. एपी-कनेक्ट एप्लिकेशन के माध्यम से लाइसेंस प्रदान किए जाने के संबंध में रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से पुष्टि प्राप्त होने पर, एफएफएमसी/ गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II अपने मौजूदा लाइसेंस रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को लौटा दें।

6. नए एफएफएमसी/ गैर-बैंक प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-II के लिए लाइसेन्स प्राप्त करने / एमटीएसएस के अंतर्गत एजेंट बनने की इच्छुक पात्र संस्थाएं लाइसेंस/ अधिकार-पत्र प्राप्त करने के लिए केवल एपी-कनेक्ट के माध्यम से ही अपना आवेदन प्रस्तुत करें।

7. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और धारा 11(1) के तहत जारी किए गए हैं और वे अन्य किसी कानून के तहत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।

भवदीय

(विवेक श्रीवास्तव)
मुख्य महाप्रबंधक

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