वित्तीय समावेशन और विकास

यह कार्य वित्तीय समावेशन, वित्तीय शिक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण तथा एमएसएमई क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर नवीकृत राष्ट्रीय ध्यानकेंद्रण का सार संक्षेप में प्रस्तुत करता है।

भाषण


सितंबर 08, 2022
समावेशी ऋण: अगला लक्ष्य - एम. राजेश्वर राव 234.00 kb
दिसंबर 24, 2021
वित्तीय समावेश मौद्रिक नीति को मजबूती प्रदान करता है – माइकल देबब्रत पात्र 265.00 kb
अक्टूबर 27, 2021
माइक्रो फाइनेंस: एम्पावरिंग ए बिलियन ड्रीम्स - श्री एम. राजेश्वर राव, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा - 27 अक्तूबर 2021 को - सा-धन राष्ट्रीय सम्मेलन में "वित्तीय समावेशन को पुनर्जीवित करने" पर दिया गया उद्घाटन भाषण 221.00 kb
जुलाई 15, 2021
वित्तीय समावेशन - अतीत, वर्तमान और भविष्य - श्री शक्तिकांत दास, गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक- 15 जुलाई 2021, गुरुवार- को इकोनॉमिक टाइम्स फाइनेंशियल इनक्लूजन समिट में दिया गया उद्घाटन भाषण 232.00 kb
मार्च 06, 2020
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम: चुनौतिया और भावी दिशा - शक्तिकांत दास 293.00 kb
नवंबर 29, 2019
ग्रामीण और कृषि वित्त: समावेशी और दीर्घकालिक विकास प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी - एम.के.जैन 219.00 kb
अप्रैल 25, 2019
17 वाँ सी. डी.देशमुख स्मारक व्याख्यान: उदघाटन उद्बोधन - शक्तिकांत दास 124.00 kb
जुलाई 15, 2017
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार - वर्तमान स्थिति, समस्याएं और आगे की कार्ययोजना - एस.एस.मूंदड़ा 230.00 kb
जून 16, 2017
बैंकर और SME उधारकर्ता - नये मंत्र - एस.एस.मूंदड़ा 215.00 kb
सितंबर 24, 2016
भारत में वित्तीय समावेशन-अब तक की यात्रा और भावी दिशा - एस.एस.मूंदड़ा 149.00 kb
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