वित्तीय समावेशन और विकास

यह कार्य वित्तीय समावेशन, वित्तीय शिक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण तथा एमएसएमई क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर नवीकृत राष्ट्रीय ध्यानकेंद्रण का सार संक्षेप में प्रस्तुत करता है।

भाषण


जुलाई 15, 2017
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार - वर्तमान स्थिति, समस्याएं और आगे की कार्ययोजना - एस.एस.मूंदड़ा 230.00 kb
जून 16, 2017
बैंकर और SME उधारकर्ता - नये मंत्र - एस.एस.मूंदड़ा 215.00 kb
सितंबर 24, 2016
भारत में वित्तीय समावेशन-अब तक की यात्रा और भावी दिशा - एस.एस.मूंदड़ा 149.00 kb
सितंबर 16, 2015
भारत की संवृद्धि का वित्तपोषण- चुनौतियां और भावी दिशा- एस.एस.मूंदड़ा 89.00 kb
अगस्त 25, 2015
परिवर्तनकारी नवोन्मेश और समावेशी वृद्दि: कुछ यादृच्छिक विचार – आर. गांधी 99.00 kb
जून 30, 2015
वित्तीय शिक्षा : मूलभूत बातें तथा उसके आगे – एस.एस. मुदंडा 97.00 kb
अप्रैल 20, 2015
भिन्न भिन्न बैंक : संरचना की चुनौतियां - आर गांधी 103.00 kb
अप्रैल 02, 2015
भारतीय रिज़र्व बैंक की 80वीं वर्षगांठ
(2 अप्रैल 2015 को वित्तीय समावेशन सम्मेलन में भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ. रघुराम जी. राजन का उद्घाटन भाषण)
255.00 kb
वित्‍तीय समावेशन पर भारतीय रिजर्व बैंक के सम्‍मेलन के उदघाटन सत्र में प्रधानमंत्री की टिप्‍पणी
मार्च 20, 2015
गरीबी को मात देना: समस्याएं एवं चुनौतियाँ 357.00 kb
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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