उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण

हमारी ग्राहक पहुंच नीति का लक्ष्य आमजनता को सूचना प्रदान करना है जिससे कि वे बैंकिंग सेवाओं के संबंध में अपनी अपेक्षाओं, विकल्पों और अधिकारों तथा बाध्यताओं के बारे में जान सकें। हमारे ग्राहक सेवा प्रयासों को ग्राहक के अधिकारों की रक्षा करने, ग्राहक सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने और संपूर्ण बैंकिंग क्षेत्र और रिज़र्व बैंक में शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है।

विहंगावलोकन

  • ग्राहक सेवा के क्षेत्र में रिज़र्व बैंक द्वारा की गईं पहल में शामिल हैं ग्राहक शिकायत निवारण कक्षों की स्‍थापना, 2006 में ग्राहक सेवा विभाग की स्‍थापना जिसे हाल ही में उपभोक्‍ता शिक्षण और संरक्षण विभाग नाम दिया गया है और भारतीय बैंकिंग संहिता और मानक बोर्ड (बीसीएसबीआई) की स्‍थापना, जो समर्पित ग्राहक सेवा के लिए बैंकों द्वारा स्‍वयं लगाइ गई संहिता के अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया स्‍वायत्‍त निकाय है।
  • विवाद समाधान हेतु संस्‍थागत प्रणाली को सशक्‍त बनाने के लिए, 1995 में रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग लोकपाल योजना शुरू की। बैंकिंग लोकपाल एक अर्द्धन्यायिक प्राधिकरण है जो बैंक और उनके ग्राहकों के बीच के विवाद को निपटाता है। वर्तमान में देश में 15 बैंकिंग लोकपाल कार्यालय मौजूद हैं। इस योजना के अधीन वाणिज्यि बैंकों, अनुसूचित प्राथमिक सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के विरुद्ध ग्राहकों की शिकायतों को निपटाया जाता है। 2006 में रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग लोकपाल योजना को संशोधित किया। इस संशोधित योजना के अनुसार, बैंकिंग लोकपाल और संबद्ध स्‍टाफ में भारतीय रिज़र्व बैंक में सेवारत स्‍टाफ-सदस्‍यों में से तैनात किया जाता है। नयी योजना का निधीयन पूर्ण रूप से रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाता है और योजना में ऋण मंजूरी निर्णय को छोडकर अन्‍य सभी बैंकिंग लेनदेन से संबंधित शिकायतें समाविष्‍ट हैं।

कुछ पहल

आगामी कार्य


वैश्विक सर्वोत्‍तम प्रथाओं के आधार पर ग्राहक अधिकारी के तत्‍वों को व्‍यापाक बनाने वाले, ग्राहक अधिकार चार्टर की रूपरेखा। इस चार्टर के अनुसार बैंक ग्राहकों के पांच अधिकार निम्‍नलिखित है:

  • उचित बरताव का अधिकार
  • पारदर्शिता, उचित तथा ईमानदार व्‍यवहार का अधिकार
  • उपयुक्‍तता का अधिकार
  • गोपनीयता का अधिकार
  • शिकायत निवारण और क्षतिपूर्ति का अधिकार
Server 214
शीर्ष