आरबीआई/2026-27/10
ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.06
10 अप्रैल, 2026
सभी प्राधिकृत व्यक्ति
महोदया/महोदय,
मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 – संशोधन
प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 की अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 (इसके पश्चात “फेमा 396”) और समय-समय पर यथासंशोधित दिनांक 07 जनवरी, 2025 के मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 [इसके पश्चात “मास्टर निदेश”] की ओर आकृष्ट किया जाता है।
2. पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय रिजर्व बैंक ने, अन्य निदेशों के साथ-साथ, अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा ऋण लिखतों में निवेश करने और एक्सचेंज ट्रेडेड डेरिवेटिव संविदाओं में लेन-देन के लिए भारत में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों को संपार्श्विक के रूप में फेमा 396 के अनुसार अधिग्रहित ऋण लिखतों की पेशकश करने से संबंधित निदेश जारी किए हैं। इन निदेशों को अब उपरोक्त मास्टर निदेश में समेकित किया गया है।
3. अद्यतन मास्टर निदेश संलग्न है।
4. एडी श्रेणी-I बैंक इस परिपत्र की विषय-वस्तु को अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों के ध्यान में लाएँ।
5. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 के 42) की धारा 10(4) और 11(1) के तहत जारी किए गए हैं और किसी अन्य कानून के अंतर्गत आवश्यक अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, के प्रति पूर्वाग्रह के बिना हैं।
भवदीया,
(डिम्पल भांडिया)
मुख्य महाप्रबंधक |
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