प्रकाशन

बैंक ऋण वितरण सर्वेक्षण- Q1:2021-22

आज रिज़र्व बैंक ने अपने तिमाही बैंक ऋण वितरण सर्वेक्षण (BLS) के 16 वें चक्र का परिणाम प्रकाशित किया।1 यह सर्वेक्षण वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही से किया जा रहा है, जिसमें बड़े आर्थिक क्षेत्रों2 के लिए ऋण मानदंडों (जैसे-ऋण की मांग, ऋण के नियम और शर्तें) के संबंध में बड़े अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (एससीबी) के गुणात्मक मूल्यांकन तथा उनकी प्रत्याशाओं को संग्रहित किया जाता है। सर्वेक्षण के अद्यतन चक्र का संचालन वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में किया गया था, जिसमें 2021-22 की पहली तिमाही के लिए ऋण के मानदंडों और 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए उनकी अपेक्षाओं के संबंध में वरिष्ठ ऋण अधिकारियों का मूल्यांकन एकत्रित किया गया।3 कोविद-19 महामारी के कारण व्याप्त अनिश्चितता के चलते आगे की दो और तीन तिमाहियों के लिए परिदृश्य का मूल्यांकन करने के लिए सर्वेक्षण के इस चक्र में अतिरिक्त एक ब्लॉक सम्मिलित किया गया ।

विशेष:

क. 2021-22 की पहली तिमाही के लिए मूल्यांकन

  • वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही से ऋण की मांग में क्रमिक रूप से बढ़त रहने के पश्चात वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में इसमें भारी गिरावट देखी गई, जब महामारी की दूसरी लहर में आर्थिक गतिविधियाँ धीमी हो चली थीं । इसका प्रभाव सभी प्रमुख क्षेत्रों पर परिलक्षित हुआ (चार्ट 1 और सारणी 1)।

  • बैंकों ने वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान ऋण देने की शर्तों में ढील देने में थोड़ा-बहुत संयम बरता (सारणी 2)।

ख. 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • 2021-22 की दूसरी तिमाही में ऋणों की मांग बढ़ना प्रत्याशित है; व्यक्तिगत ऋणों के लिए मांग की उम्मीद बैंकों को सर्वाधिक है जिसके बाद विनिर्माण और सेवा क्षेत्र से उम्मीदें हैं।

  • 2021-22 की दूसरी तिमाही में ऋण की शर्तों को कुछ आसान कराना परिलक्षित होता है, विशेष रूप से कृषि और विनिर्माण के क्षेत्रों के लिए।

ग. 2021-22 की तीसरी और 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • 2021-22 की दूसरी छमाही में सभी क्षेत्रों में समग्र ऋण मांग के लिए प्रत्याशाएं शिखर पर है । (सारणी 3).

  • आगे की तिमाहियों के लिए सभी प्रमुख क्षेत्रों में ऋण की शर्तों को क्रमिक रूप से आसान करने की उम्मीद बैंकों ने की है।

Chart 1

Table 1: Sector-wise Loan Demand - Summary of Net responses4
(per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q4:2020-21 Q1:2021-22 Q1:2021-22 Q2:2021-22
All Sectors 42.9 3.6 50.0 41.1
Agriculture 31.0 15.5 39.7 34.5
Mining and Quarrying Sector 24.1 -5.2 27.6 13.8
Manufacturing 41.1 10.7 48.2 39.3
Infrastructure 42.6 17.9 46.3 25.0
Services 41.1 5.4 53.6 39.3
Retail/Personal 53.7 5.8 42.6 44.2

Table 2: Sector-wise Loan Terms and Conditions - Summary of Net responses
(per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q4:2020-21 Q1:2021-22 Q1:2021-22 Q2:2021-22
All Sectors 12.5 -1.9 19.6 18.5
Agriculture 14.3 12.5 17.9 19.6
Mining and Quarrying Sector -1.7 0.0 10.3 10.7
Manufacturing 23.2 15.5 14.3 20.7
Infrastructure 11.1 5.4 16.7 16.1
Services 19.6 10.7 19.6 19.6
Retail/Personal 23.1 10.7 25.0 25.0

Table 3: Sector-wise Expectations for extended period - Summary of Net responses
(per cent)
Sectors Loan Demand Loan Terms and Conditions
Q3:2021-22 Q4:2021-22 Q3:2021-22 Q4:2021-22
All Sectors 50.0 55.4 27.6 31.0
Agriculture 51.7 55.2 27.6 27.6
Mining and Quarrying Sector 20.7 25.9 13.8 13.8
Manufacturing 48.3 46.7 20.0 23.3
Infrastructure 38.3 35.0 13.3 15.0
Services 45.0 46.7 20.0 26.7
Retail/Personal 48.3 55.0 26.7 28.3

Note: Please see the excel file for time series data.


1पिछले सर्वेक्षण का प्रकाशन 7 अप्रैल 2021 को भारिबैं की वेबसाइट पर किया जा चुका है।

2सर्वेक्षण प्रश्नावली का वितरण प्रमुख 30 अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के बीच किया गया था, जो भारत में एससीबी द्वारा धारित क्रेडिट के 90 प्रतिशत के भागीदार हैं।

3सर्वेक्षण के परिणाम उत्तरदाताओं के अभिमतों का प्रदर्शन करते हैं, जिन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक साझा करे इसकी कोई अनिवार्यता नहीं है।

4Net Response (NR) is computed as the difference of percentage of banks reporting increase/optimism and those reporting decrease/pessimism in respective parameter. The weights of +1.0, 0.5, 0, -0.5 and -1.0 are assigned for computing NR from aggregate per cent responses on 5-point scale i.e. substantial increase/ considerable easing, moderate increase/ somewhat easing, no change, moderate decrease/ somewhat tightening, substantial decrease/ considerable tightening for loan demand/loan terms and conditions parameters respectively. NR ranges between -100 to 100. Any value greater than zero indicates expansion/optimism and any value less than zero indicates contraction/pessimism. Increase in loan demand is considered optimism (Tables 1), while for loan terms and conditions, a positive value of net response indicates easy terms and conditions (Table 2).


2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष