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बैंक ऋण वितरण सर्वेक्षण - Q4:2020-21 - चौथी तिमाही के लिए

आज रिज़र्व बैंक ने अपने तिमाही बैंक ऋण वितरण सर्वेक्षण (BLS) के 15 वें चक्र का परिणाम प्रकाशित किया। यह सर्वेक्षण वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही से किया जा रहा है, जिसमें बड़े आर्थिक क्षेत्रों के लिए ऋण मानदंडों (जैसे-ऋण की मांग, ऋण के नियम और शर्तें) के संबंध में बड़े अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (एससीबी) के गुणात्मक मूल्यांकन तथा उनकी प्रत्याशाओं को संग्रहित किया जाता है1। सर्वेक्षण के अद्यतन चक्र का संचालन वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में किया गया था, जिसमें 2020-21 की चौथी तिमाही के लिए ऋण के मानदंडों और 2021-22 की प्रथम तिमाही2 के लिए उनकी अपेक्षाओं के संबंध में वरिष्ठ ऋण अधिकारियों का मूल्यांकन एकत्रित किया गया। कोविद-19 महामारी के कारण व्याप्त अनिश्चितता के चलते आगे की दो और तीन तिमाहियों के लिए परिदृश्य का मूल्यांकन करने के लिए सर्वेक्षण के इस चक्र में अतिरिक्त एक ब्लॉक सम्मिलित किया गया ।

विशेष:

क. 2020-21 की चौथी तिमाही के लिए मूल्यांकन

  • बैंकों ने 2020-21 की चौथी तिमाही में, लगातार तीसरी तिमाही के लिए, ऋण की मांग और बढ़ने का मूल्यांकन किया है (चार्ट 1 और सारणी 1)।

  • बैंकों ने विशेष रूप से विनिर्माण, आधारभूत संरचना, सेवा और व्यक्तिगत ऋण के क्षेत्र में अधिकाधिक ऋण की मांग रहने का मूल्यांकन किया है; आधारभूत संरचना क्षेत्र के लिए धारणाओं में अत्याधिक मज़बूती देखी गई है।

  • 2020 की चौथी तिमाही के दौरान विनिर्माण, आधारभूत संरचना, सेवा क्षेत्र में ऋण की शर्तों को शिथिल करने का मूल्यांकन किया गया (सारणी 2)

ख. 2021-22 की प्रथम तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही में प्रमुख क्षेत्रों में ऋण मांग में वृद्धि होगी, बैंकों की इस आशावादिता को और भी बल मिला है।

  • वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही में सभी क्षेत्रों विशेष रूप से विनिर्माण, आधारभूत संरचना, सेवा क्षेत्र की ऋण की शर्तों को शिथिल कुछ आसान किए जाने की उम्मीद है।

ग. 2021-22 की दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • सभी क्षेत्रों में ऋण की मांग की संबंधी मज़बूती संभवतः 2021-22 की तीसरी तिमाही तक जारी रहेंगी (सारणी 3)।

  • बैंकों को यह उम्मीद है कि निकट भविष्य में सभी प्रमुख क्षेत्रों में ऋण की शर्तें क्रमबद्धता से और आसान की जाएंगी।

Chart 1
Table 1: Sector-wise Loan Demand - Summary of Net responses3
(per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q3:2020-21 Q4:2020-21 Q4:2020-21 Q1:2021-22
All Sectors 33.9 42.9 44.6 50.0
Agriculture 35.0 31.0 33.3 39.7
Mining and Quarrying Sector 16.1 24.1 19.6 27.6
Manufacturing 31.0 41.1 46.6 48.2
Infrastructure 19.6 42.6 30.4 46.3
Services 31.0 41.1 41.4 53.6
Retail/Personal 45.8 53.7 47.9 42.6

Table 2: Sector-wise Loan Terms and Conditions - Summary of Net responses
(per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q3:2020-21 Q4:2020-21 Q4:2020-21 Q1:2021-22
All Sectors 14.3 12.5 21.4 19.6
Agriculture 15.5 14.3 17.2 17.9
Mining and Quarrying Sector 3.6 -1.7 14.3 10.3
Manufacturing 10.0 23.2 13.3 14.3
Infrastructure -3.4 11.1 5.2 16.7
Services 15.5 19.6 17.2 19.6
Retail/Personal 24.0 23.1 26.0 25.0

Table 3: Sector-wise Expectations for extended period - Summary of Net responses
(per cent)
Sectors Loan Demand Loan Terms and Conditions
Q2:2021-22 Q3:2021-22 Q2:2021-22 Q3:2021-22
All Sectors 55.4 53.6 25.9 31.0
Agriculture 51.7 56.9 23.2 30.4
Mining and Quarrying Sector 25.9 37.9 10.3 12.1
Manufacturing 53.4 51.7 19.0 24.1
Infrastructure 46.6 46.6 10.3 12.1
Services 58.3 56.7 21.7 28.3
Retail/Personal 53.3 60.0 23.3 26.7

Note: Please see the excel file for time series data


1 सर्वेक्षण प्रश्नावली का वितरण 30 अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के बीच किया गया था जो भारत में एससीबी द्वारा धारित क्रेडिट के 90 प्रतिशत के भागीदार हैं।

2 सर्वेक्षण के परिणाम उत्तरदाताओं के अभिमतों का प्रदर्शन करते हैं, जिन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक साझा करे इसकी कोई अनिवार्यता नहीं है। पिछले सर्वेक्षण के परिणाम बैंक की वेबसाइट पर फरवरी 5, 2021 को जारी किए गए थे।

3 Net Response (NR) is computed as the difference of percentage of banks reporting increase/optimism and those reporting decrease/pessimism in respective parameter. The weights of +1.0, 0.5, 0, -0.5 and -1.0 are assigned for computing NR from aggregate per cent responses on 5-point scale i.e. substantial increase/ considerable easing, moderate increase/ somewhat easing, no change, moderate decrease/ somewhat tightening, substantial decrease/ considerable tightening for loan demand/loan terms and conditions parameters respectively. NR ranges between -100 to 100. Any value greater than zero indicates expansion/optimism and any value less than zero indicates contraction/pessimism. Increase in loan demand is considered optimism (Tables 1), while for loan terms and conditions, a positive value of net response indicates easy terms and conditions (Table 2).


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2020
2019
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