29 अप्रैल 2026
आरबीआई ने ‘सार्वजनिक निधियों का लाभ न लेने वाले और ग्राहक इंटरफेस न रखने वाले एनबीएफसी (‘टाइप I गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों सहित’)’ के लिए, पंजीकरण आवश्यकता सहित,
विनियामकीय ढांचे की समीक्षा संबंधी संशोधन निदेश जारी किए
रिज़र्व बैंक ने 10 फरवरी 2026 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से, ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ – पंजीकरण, छूट और स्केल-आधारित विनियमन के लिए ढाँचा) संशोधन निदेश, 2026’ का मसौदा जारी किया था, जिसमें हितधारकों से 4 मार्च 2026 तक टिप्पणियाँ/ प्रतिक्रियाएँ माँगी गई थीं। ये प्रस्तावित संशोधन निदेश (ए) ₹1,000 करोड़ से कम संपत्ति आकार वाले ‘सार्वजनिक निधियों का उपयोग न करने वाले और ग्राहक इंटरफेस न रखने वाले एनबीएफसी’ (जिसमें ‘टाइप I एनबीएफसी’ भी शामिल हैं) को निर्दिष्ट शर्तों के अधीन पंजीकरण से छूट, (बी) मौजूदा ‘सार्वजनिक निधियों का उपयोग न करने वाले और ग्राहक इंटरफेस न रखने वाले एनबीएफसी’, जिसमें ‘टाइप I एनबीएफसी’ भी शामिल हैं, के लिए पंजीकरण रद्द करने या परिवर्तन की प्रक्रिया, तथा (सी) अन्य संबंधित पहलुओं का प्रस्ताव रखते हैं।
2. संशोधन निदेशों के मसौदे पर प्राप्त टिप्पणियों/प्रतिक्रियाओं की जांच की गई है, और रिज़र्व बैंक द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, उनमें आवश्यक संशोधन करके उन्हें अंतिम संशोधन निदेशों में उचित रूप से शामिल कर लिया गया है। प्राप्त टिप्पणियों/ प्रतिक्रियाओं से संबंधित एक विवरण अनुबंध में दिया गया है।
3. तदनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज ‘भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ – पंजीकरण, छूट और स्केल-आधारित विनियमन के लिए ढाँचा) संशोधन निदेश, 2026’ जारी किए हैं।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/172
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