27 अप्रैल 2026
आरबीआई ने बासेल III - मानकीकृत पद्धति के अंतर्गत ऋण संबंधी जोखिम हेतु पूंजी प्रभार पर अंतिम
निदेश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए 7 अक्टूबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक – ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत पद्धति) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया था। निदेशों के मसौदे में ऋण संबंधी जोखिम हेतु पूंजी प्रभार की गणना के लिए मौजूदा मानकीकृत पद्धति ढांचे में संशोधन का प्रस्ताव किया गया था, जिसका उद्देश्य इसकी सुदृढ़ता, सूक्ष्मता और जोखिम संवेदनशीलता के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ अभिसरण को बढ़ाना था।
2. उपर्युक्त मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच की गई है और परिणामस्वरूप, रिज़र्व बैंक द्वारा तय किए गए संशोधनों को निदेशों को अंतिम रूप देते समय उपयुक्त रूप से शामिल किया गया है। निदेशों के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया संबंधी विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
3. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक - ऋण संबंधी जोखिम के लिए पूंजी प्रभार - मानकीकृत पद्धति) निदेश, 2026 जारी किए हैं। ये निदेश 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/149
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