23 अप्रैल 2026
आरबीआई बुलेटिन – अप्रैल 2026
आज रिज़र्व बैंक ने अपने मासिक बुलेटिन का अप्रैल 2026 अंक जारी किया। इस बुलेटिन में द्वि-मासिक नौद्रिक नीति वक्तव्य (8 अप्रैल 2026), दो भाषण, एक आलेख और वर्तमान सांख्यिकी शामिल हैं। वर्तमान सांख्यिकी में, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की सारणी-19 को नए सीपीआई (आधार 2024 = 100) के अनुरूप बनाया गया है और इसमें मूल-मुद्रास्फीति (अर्थात खाद्य एवं ईंधन को छोड़कर) के माप संबंधी आंकड़े भी शामिल हैं।
उक्त आलेख अर्थव्यवस्था की स्थिति पर है।
अर्थव्यवस्था की स्थिति
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण मार्च में वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर दबाव बढ़ा जो कि अप्रैल के पूर्वार्द्ध में कुछ हद तक कम हुआ। घरेलू आर्थिक गतिविधि कई क्षेत्रों में आघात-सह बनी रही जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में इसमें कमी देखी गई। ईंधन और खाद्य पदार्थों के कारण मार्च में सीपीआई मुद्रास्फीति में मामूली वृद्धि हुई। पश्चिम एशिया में अस्थायी युद्धविराम के बाद मुद्रा बाजार और बॉन्ड प्रतिफल में कमी आई। आयात में कमी और निर्यात में विस्तार से व्यापार-घाटा नौ महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया। विदेशी संविभाग निवेश (एफपीआई) का प्रवाह अस्थिर बना रहा, हालांकि फरवरी में निवल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ गया।
बुलेटिन के आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखकों के निजी विचार हैं और ये भारतीय रिज़र्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/128 |