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प्रेस प्रकाशनी

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आरबीआई ने ‘बैंकों के जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (सीआरएआर) की गणना हेतु सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी में त्रैमासिक लाभों के समावेशन से संबंधित दिशानिर्देशों की समीक्षा’ संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर जन-सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित की

8 अप्रैल 2026

आरबीआई ने 'बैंकों के जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (सीआरएआर) की गणना हेतु
सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी में त्रैमासिक लाभों के समावेशन से संबंधित दिशानिर्देशों की
समीक्षा' संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर जन-सामान्य से टिप्पणियाँ आमंत्रित की

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज ‘बैंकों के जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (सीआरएआर) की गणना हेतु सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी में त्रैमासिक लाभों के समावेशन से संबंधित दिशानिर्देशों की समीक्षा' पर निम्नलिखित संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए हैं:

(i) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) चौथा संशोधन निदेश, 2026.

(ii) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक – पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) चौथा संशोधन निदेश, 2026.

(iii) भारतीय रिज़र्व बैंक (पेमेंट्स बैंक – पूंजी पर्याप्तता संबंधी विवेकपूर्ण मानदंड) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026.

उक्त संशोधन निदेशों के मसौदे पर हितधारकों से 29 अप्रैल 2026 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित की जाती हैं। टिप्पणियाँ / प्रतिक्रिया भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘कनेक्ट 2 रेगुलेट’ खंड के अंतर्गत दिए गए लिंक के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती हैं, अथवा वैकल्पिक रूप से इन्हें निम्नलिखित पते पर:

मुख्य महाप्रबंधक
तुलन-पत्र समूह
विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय
भारतीय रिज़र्व बैंक, 13वीं मंज़िल
शहीद भगत सिंह मार्ग
फोर्ट
मुंबई – 400 001
अथवा
ईमेल द्वारा

भेजा जा सकता है, जिसके विषय पंक्ति में ‘बैंकों के जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (सीआरएआर) की गणना हेतु सामान्य इक्विटी टियर 1 (सीईटी 1) पूंजी में त्रैमासिक लाभों के समावेशन से संबंधित दिशानिर्देशों की समीक्षा’ संबंधी संशोधन निदेशों के मसौदे पर प्रतिक्रिया लिखा जाए।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य

वर्तमान में, वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्थानीय क्षेत्र बैंकों को छोड़कर) चालू वित्त वर्ष के लाभों को तिमाही आधार पर सीआरएआर की गणना के लिए स्वीकार कर सकते हैं, बशर्ते पिछले वित्त वर्ष की चार तिमाहियों में से किसी भी तिमाही के अंत में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के लिए की गई अतिरिक्त प्रावधानों में चार तिमाहियों के औसत से 25 प्रतिशत से अधिक विचलन न हो। समीक्षा के आधार पर, एनपीए के लिए अतिरिक्त प्रावधानों के लिए अर्हता संबंधी इस शर्त को हटाने का निर्णय लिया गया है। तदनुसार, आरबीआई ने इस मामले में संशोधन प्रस्तावित किए हैं। दिनांक 8 अप्रैल 2026 को जारी विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में घोषणा किए अनुसार, इस संबंध में निदेशों के मसौदे को जन सामान्य से परामर्श के लिए जारी किया जा रहा है।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/45


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