2 मार्च 2026
2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्तूबर–दिसंबर) के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की गतिविधियां
तीसरी तिमाही अर्थात् अक्तूबर–दिसंबर 2025-26 के लिए भारत के भुगतान संतुलन (बीओपी) से संबंधित प्रारंभिक आंकड़े, विवरण । और ।। में प्रस्तुत किए गए हैं।
2025-26 की तीसरी तिमाही के दौरान भारत के भुगतान संतुलन की मुख्य विशेषताएं
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भारत का चालू खाता घाटा 2025-26 की तीसरी तिमाही में 13.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) तक बढ़ा, जो 2024-25 की तीसरी तिमाही में 11.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) था (तालिका 1)।1,2
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2025-26 की तीसरी तिमाही में पण्य व्यापार घाटा 93.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 की तीसरी तिमाही में 79.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में अधिक था।
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2025-26 की तीसरी तिमाही में निवल सेवा प्राप्तियाँ एक वर्ष पूर्व के 51.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 57.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
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कंप्यूटर सेवाओं और अन्य व्यावसायिक सेवाओं जैसी प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर वृद्धि हुई है।
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प्राथमिक आय खाते पर निवल व्यय, जो मुख्य रूप से निवेश आय के भुगतानों को दर्शाता है, 2024-25 की तीसरी तिमाही में 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 2025-26 की तीसरी तिमाही में 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
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द्वितीयक आय खाते के अंतर्गत व्यक्तिगत अंतरण प्राप्तियाँ, जो मुख्यतः विदेश में कार्यरत भारतीयों द्वारा विप्रेषणों को दर्शाती है, 2024-25 की तीसरी तिमाही में 35.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 की तीसरी तिमाही में 36.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।
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वित्तीय खाते में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने 2025-26 की तीसरी तिमाही में 3.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की तीसरी तिमाही में 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
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विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) ने 2025-26 की तीसरी तिमाही में 0.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया, जबकि 2024-25 की तीसरी तिमाही में 11.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह था।
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अनिवासी जमाराशियों (एनआरआई जमाराशियों) में 2025-26 की तीसरी तिमाही में 5.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह दर्ज किया गया, जो कि 2024-25 की तीसरी तिमाही में 3.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक था।
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भारत में बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) के अंतर्गत निवल अंतर्वाह 2025-26 की तीसरी तिमाही में 3.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो कि 2024-25 की तीसरी तिमाही में 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवल अंतर्वाह से कम था।
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2025-26 की तीसरी तिमाही में विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों (बीओपी आधार पर) में 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आई, जबकि 2024-25 की तीसरी तिमाही में इसमें 37.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आई थी (तालिका 1)।
अप्रैल–दिसंबर 2025 के दौरान भुगतान संतुलन
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भारत का चालू खाता घाटा अप्रैल-दिसंबर 2024 के 36.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) से घटकर अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान 30.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर (जीडीपी का 1.0 प्रतिशत) रह गया (तालिका 1)।
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अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान निवल अदृश्य प्राप्तियाँ3 221.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही, जो एक वर्ष पूर्व 191.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में अधिक थी, जो मुख्य रूप से उच्च निवल सेवा प्राप्तियाँ और निवल व्यक्तिगत अंतरणों के कारण था।
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अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान निवल एफडीआई अंतर्वाह, अप्रैल-दिसंबर 2024 के 0.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 3.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
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अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एफपीआई में 4.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल बहिर्वाह दर्ज किया गया, जबकि एक वर्ष पूर्व इसमें 9.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवल अंतर्वाह था।
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अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों (बीओपी आधार पर) में 30.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आई, जबकि एक वर्ष पूर्व उक्त अवधि में 13.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी आई थी।
| तालिका 1 : भारत के भुगतान संतुलन की प्रमुख मदें |
| (बिलियन अमेरिकी डॉलर) |
| |
अक्तूबर-दिसंबर 2024 पीआर |
अक्तूबर-दिसंबर 2025 पी |
अप्रैल-दिसंबर 2024 पीआर |
अप्रैल-दिसंबर 2025 पी |
| |
जमा |
नामे |
निवल |
जमा |
नामे |
निवल |
जमा |
नामे |
निवल |
जमा |
नामे |
निवल |
| क. चालू खाता |
261.7 |
273.0 |
-11.3 |
274.9 |
288.0 |
-13.2 |
753.5 |
790.1 |
-36.6 |
797.6 |
827.7 |
-30.1 |
| 1. वस्तु |
109.8 |
189.1 |
-79.3 |
111.7 |
205.3 |
-93.6 |
325.6 |
553.3 |
-227.6 |
333.4 |
585.0 |
-251.6 |
| जिसमें से: |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| पीओएल |
12.6 |
48.4 |
-35.7 |
11.9 |
43.3 |
-31.4 |
49.3 |
141.4 |
-92.1 |
41.9 |
135.4 |
-93.5 |
| 2. सेवाएं |
103.5 |
52.3 |
51.2 |
111.2 |
53.7 |
57.5 |
285.5 |
150.0 |
135.5 |
310.2 |
154.0 |
156.3 |
| 3. प्राथमिक आय |
12.3 |
28.8 |
-16.4 |
14.0 |
26.2 |
-12.2 |
41.5 |
78.0 |
-36.5 |
42.9 |
80.1 |
-37.2 |
| 4. द्वितीयक आय |
36.1 |
2.9 |
33.2 |
37.9 |
2.8 |
35.2 |
100.9 |
8.9 |
92.0 |
111.0 |
8.7 |
102.4 |
| ख. पूंजी लेखा और वित्तीय लेखा |
320.1 |
309.1 |
11.0 |
484.5 |
470.1 |
14.4 |
900.3 |
864.3 |
36.0 |
1160.6 |
1129.8 |
30.8 |
| जिसमें से: |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| 1. प्रत्यक्ष निवेश |
20.6 |
23.4 |
-2.8 |
22.5 |
26.1 |
-3.7 |
65.7 |
65.1 |
0.6 |
75.7 |
72.7 |
3.0 |
| 2. पोर्टफोलियो निवेश |
171.4 |
182.8 |
-11.4 |
185.6 |
185.7 |
-0.2 |
513.4 |
503.9 |
9.4 |
467.5 |
471.8 |
-4.3 |
| 3. अन्य निवेश |
83.7 |
90.5 |
-6.8 |
245.3 |
245.9 |
-0.6 |
264.1 |
237.1 |
26.9 |
563.6 |
547.4 |
16.2 |
| जिसमें से: |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| एनआरआई जमाराशियाँ |
25.9 |
22.8 |
3.1 |
25.9 |
20.9 |
5.1 |
78.3 |
64.9 |
13.3 |
73.0 |
61.9 |
11.1 |
| भारत को ईसीबी |
11.3 |
6.9 |
4.4 |
7.9 |
4.6 |
3.3 |
32.2 |
21.2 |
11.0 |
25.7 |
17.1 |
8.7 |
| 4. आरक्षित आस्तियाँ [वृद्धि (-)/कमी (+)] |
37.7 |
0.0 |
37.7 |
24.4 |
0.0 |
24.4 |
37.7 |
23.8 |
13.8 |
35.3 |
4.5 |
30.8 |
| C. भूल-चूक (-) (क+ख) |
0.3 |
0.0 |
0.3 |
0.0 |
1.2 |
-1.2 |
0.6 |
0.0 |
0.6 |
0.0 |
0.7 |
-0.7 |
| पीआर: आंशिक रूप से संशोधित; और पी: प्रारंभिक। |
| नोट : पूर्णांकन के कारण उप घटकों का योग कुल योग से भिन्न हो सकता है। |
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2201
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