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अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण पर तिमाही मूलभूत सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1– दिसंबर 2025

27 फरवरी 2026

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण पर तिमाही मूलभूत
सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1– दिसंबर 2025

आज, रिज़र्व बैंक ने अपने ‘भारतीय अर्थव्यवस्था पर डेटाबेस’ पोर्टल (https://data.rbi.org.in होमपेज > प्रकाशन) पर ‘तिमाही मूलभूत सांख्यिकीय विवरणी (बीएसआर)-1: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी)1 का ऋण – दिसंबर 20252’ शीर्षक से अपना वेब प्रकाशन जारी किया। यह खाता-स्तरीय रिपोर्टिंग के आधार पर बैंक ऋण की विभिन्न वर्गीकरण संबंधी विशेषताओं जैसे कि उधारकर्ता का व्यवसाय/ गतिविधि/ संगठनात्मक क्षेत्र, खाते का प्रकार और उनकी ब्याज दरों को दर्शाता है। एससीबी (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) द्वारा रिपोर्ट किए गए डेटा, बैंक समूहों, जनसंख्या समूहों3 और राज्यों के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं।

मुख्य बातें:

  • बैंक ऋण वृद्धि (वर्ष-दर-वर्ष) दिसंबर 2024 में 11.8 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर दिसंबर 2025 में 12.2 प्रतिशत हो गई (चार्ट-I4)।

Chart 1
  • ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी केंद्रों में स्थित बैंक शाखाओं में महानगरीय शाखाओं की तुलना में अधिक ऋण वृद्धि दर्ज की गई तथा कुल ऋण में उनकी संयुक्त हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में बढ़कर 40.4 प्रतिशत हो गई जो दिसंबर 2024 में 36.9 प्रतिशत थी। दिसंबर 2024 से महानगरीय शाखाओं में ऋण वृद्धि अन्य जनसंख्या समूहों की शाखाओं से कम रही है।

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने, दिसंबर 2025 की समग्र बैंक ऋण वृद्धि से अधिक, 14.1 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) की ऋण वृद्धि दर्ज की। पिछली पांच तिमाहियों में पीएसबी की ऋण वृद्धि निजी क्षेत्र के बैंकों (पीवीबी) की ऋण वृद्धि से लगातार अधिक रही है।

  • दिसंबर 2024 से सभी प्रमुख क्षेत्रों में बकाया ऋण पर भारित औसत उधार दर (डब्लूएएलआर) में गिरावट देखी जा रही थी और दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार यह 9.35 प्रतिशत रही (दिसंबर 2024 में 10.19 प्रतिशत), जिसमें व्यक्तिगत ऋणों, और उसके बाद उद्योग, के डबल्यूएएलआर में सर्वाधिक गिरावट हुई।

  • नीतिगत दरों में गिरावट के बाद, ‘9 प्रतिशत’ से कम ब्याज दर वाले ऋणों की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 42.2 प्रतिशत से बढ़कर 2025 दिसंबर में 62.4 प्रतिशत हो गई जो बैंक ऋण के ब्याज दर वितरण में परिवर्तन को दर्शाती है।

  • दिसंबर 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में कृषि, उद्योग और व्यापार क्षेत्रों में तीव्र ऋण वृद्धि हुई। इसके विपरीत इसी अवधि के दौरान, परिवहन परिचालकों, वैयक्तिक ऋण और पेशेवर सेवा क्षेत्रों की ऋण वृद्धि में कमी भी दर्ज की गई।

  • वैयक्तिक ऋणों की वृद्धि, दिसंबर 2024 के 13.7 प्रतिशत से कम होकर दिसंबर 2025 में 12.1 प्रतिशत हो गई, जो एक लंबे समय तक समग्र बैंक ऋण वृद्धि से अधिक रहने के बाद उसके बराबर हो गई।

  • निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र को ऋण में सितंबर 2025 के 9.0 प्रतिशत और जून 2025 के 7.9 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर 2025 में 9.6 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) तक वृद्धि हुई।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2187


1 दिसंबर 2025 के अंतिम रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पाक्षिक फॉर्म-ए विवरणी (भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 42(2) के अंतर्गत संकलित) पर आधारित बैंकिंग समुच्चय, हमारी वेबसाइट (होम>सांख्यिकी>जारी आंकड़े>पाक्षिक> भारत में अनुसूचित बैंकों की स्थिति का विवरण) पर पहले ही प्रकाशित किए गए थे और चुनिंदा प्रमुख बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए गए सितंबर 2025 के लिए बैंक ऋण के क्षेत्र-वार अभिनियोजन पर समग्र स्तर का मासिक डेटा भी वेबसाइट (होम>सांख्यिकी> जारी आंकड़े >मासिक> बैंक ऋण का क्षेत्र-वार अभिनियोजन) पर जारी किया गया।

2 बीएसआर-1 के लिए संदर्भ तिथि तिमाही का अंतिम दिन है। श्रृंखला में पिछला डेटा, जो सितंबर 2025 के अंत की स्थिति को शामिल करता है, 28 नवंबर 2025 को आरबीआई वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया था।

3 बीएसआर के लिए उपयोग किया जाने वाला जनसंख्या समूह मानदंड वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार संबंधित राजस्व केंद्र की जनसंख्या के आकार पर आधारित है, जहां एससीबी की शाखाएं संचालित हो रही हैं और इन्हें ए) 'ग्रामीण' (10,000 से कम जनसंख्या), बी) 'अर्ध-शहरी' (10,000 से 1 लाख से कम की आबादी), सी) 'शहरी' (1 लाख से 10 लाख से कम की आबादी), डी) 'मेट्रोपॉलिटन' (10 लाख और उससे अधिक की आबादी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

4 तुलना के उद्देश्य से, सितंबर 2023 से जून 2024 की अवधि के संवृद्धि के आंकड़ों की गणना एक गैर-बैंक के बैंक के साथ विलय को समायोजित करके की गई है।


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