14 जनवरी 2026
आरबीआई ने भारतीय रिज़र्व बैंक (आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026 जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 7 अक्तूबर 2025 को मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (विनियमित संस्थाओं के लिए आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2025 का मसौदा जारी किया था, जिसमें हितधारकों एवं जन सामान्य से प्रतिक्रिया आमंत्रित की गई थी।
2. मास्टर निदेश के मसौदा पर प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच की गई है और मास्टर निदेश को अंतिम रूप देते समय आवश्यक संशोधन उपयुक्त रूप से शामिल किए गए हैं। इस मास्टर निदेश के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया तथा की गई कार्रवाई संबंधी एक विवरण, अनुबंध में दिया गया है।
3. तदनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज विशेष रूप से विनियमित संस्था की प्रत्येक श्रेणी के लिए निम्नलिखित मास्टर निदेश जारी किए हैं:
क) भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
ख) भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
ग) भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
घ) भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
ङ) भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान लिखत जारीकर्ता - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
च) भारतीय रिज़र्व बैंक (साख सूचना कंपनियां - आंतरिक ओम्बड्समैन) निदेश, 2026
उपर्युक्त निदेशों को इस अपेक्षा से जारी किया जा रहा है कि विनियमित संस्थाओं के भीतर ग्राहक के शिकायतों के समाधान के लिए आंतरिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1918 |