17 सितंबर 2025
विनियामक समीक्षा प्रणाली
विनियमों के निर्माण हेतु ढांचा1 के अनुक्रम में, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह निर्णय लिया है कि विनियमों की समीक्षा के लिए संस्थागत प्रणाली2 को सुदृढ़ किया जाए और इसके लिए एक विनियामक समीक्षा कक्ष (आरआरसी) का गठन किया गया है।
2. आरआरसी का अध्यादेश यह सुनिश्चित करना है कि बैंक द्वारा जारी सभी विनियमों की प्रत्येक 5 से 7 वर्षों में आंतरिक स्तर पर व्यापक और व्यवस्थित समीक्षा की जाए। आरआरसी की स्थापना 1 अक्तूबर 2025 से विनियमन विभाग में की जाएगी तथा विनियमों की समीक्षा चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
3. विनियामकीय प्रक्रिया में हितधारकों की सहभागिता को मजबूत करने और उद्योग की विशेषज्ञता का निरंतर लाभ उठाने के उद्देश्य से, एक स्वतंत्र विनियमन सलाहकार समूह (एजीआर) का गठन समवर्ती रूप से किया गया है, जिसमें बाह्य विशेषज्ञ शामिल हैं, ताकि आरआरसी के माध्यम से विनियमों की आवधिक समीक्षा में उद्योग से प्राप्त प्रतिक्रियाओं को समाहित किया जा सके। एजीआर की संरचना निम्नानुसार है:
| क्रम सं. |
नाम एवं पदनाम |
स्थिति |
| 1. |
श्री राणा आशुतोष कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, भारतीय स्टेट बैंक |
अध्यक्ष |
| 2. |
श्री टी. टी. श्रीनिवासराघवन, पूर्व प्रबंध निदेशक एवं गैर-कार्यपालक निदेशक, सुंदरम फाइनेंस लिमिटेड |
सदस्य |
| 3. |
श्री गौतम ठाकुर, अध्यक्ष, सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड |
सदस्य |
| 4. |
श्री श्याम श्रीनिवासन, पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, फेडरल बैंक लिमिटेड |
सदस्य |
| 5. |
श्री रवि दुव्वूरू, पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य अनुपालन अधिकारी, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड |
सदस्य |
| 6. |
श्री एन. एस. कन्नन, पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड |
सदस्य |
एजीआर में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रावधान होगा। इसकी प्रारंभिक अवधि तीन वर्ष की होगी, जिसे दो वर्ष की अतिरिक्त अवधि के लिए नवीकृत किया जा सकेगा, जोकि समीक्षाधीन होगा।
(पुनीत पंचोली)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1111
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