अधिसूचनाएं

कार्ड / वॉलेट / मोबाइल डिवाइस का उपयोग करते हुए ऑफलाइन खुदरा भुगतान

आरबीआई/2020-21/22
डीपीएसएस.सीओ.पीडी.सं.115/02.14.003/2020-21

06 अगस्त 2020

अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यपालक अधिकारी
प्राधिकृत भुगतान प्रणाली परिचालक (बैंक और गैर-बैंक)

महोदया / महोदय,

कार्ड / वॉलेट / मोबाइल डिवाइस का उपयोग करते हुए ऑफलाइन खुदरा भुगतान

कृपया दिनांक 06 अगस्त 2020 को मौद्रिक नीति वक्तव्य के एक भाग के रूप में जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य का संदर्भ लें, जिसमें यह प्रस्तावित किया गया था कि रिज़र्व बैंक ऑफ़लाइन मोड में छोटे मूल्य के भुगतान के लिए एक पायलट योजना की अनुमति देगा।

2. वर्षों के दौरान, भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल भुगतानों के लिए सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी है जैसे कि प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक की आवश्यकता और प्रत्येक लेनदेन के लिए ऑनलाइन अलर्ट। इन उपायों से ग्राहक के विश्वास और सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।

3. इंटरनेट कनेक्टिविटी की अनुपस्थिति या अनियमितता, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में, डिजिटल भुगतान को अपनाने में आने वाली एक प्रमुख बाधा है। कार्ड, वॉलेट या मोबाइल उपकरणों का उपयोग करके ऑफ़लाइन भुगतान करने के लिए विकल्पों की उपलब्धता, डिजिटल भुगतान को अपनाने को बढ़ावा दे सकती है।

4. ऑफ़लाइन डिजिटल लेनदेन को सक्षम करने वाले तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक एक सीमित अवधि के लिए एक पायलट योजना चलाने की अनुमति देगा। पायलट योजना के अंतर्गत प्राधिकृत भुगतान प्रणाली परिचालक (पीएसओ) - बैंक और गैर-बैंक - दूरस्थ या निकटस्थ के भुगतान के लिए कार्ड, वॉलेट या मोबाइल उपकरणों का उपयोग करके ऑफ़लाइन भुगतान सल्यूशन प्रदान करने में सक्षम होंगे। यह योजना अनुबंध में दी गई शर्तों के अधीन होगी । नए रचनात्मक सल्यूशन वाली अन्य संस्थाएं प्राधिकृत पीएसओ के साथ टाई-अप करेंगी।

5. पायलट योजना केवल 31 मार्च 2021 तक शुरू की जाएगी। पायलट के तहत प्राप्त अनुभव के आधार पर भारतीय रिज़र्व बैंक ऐसी प्रणाली को औपचारिक रूप देने का निर्णय करेगा।

6. यह निर्देश भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (2007 के अधिनियम 51) की धारा 18 के साथ पठित धारा 10 (2) के अंतर्गत जारी किया गया है।

भवदीय,

(पी.वासुदेवन)
मुख्य महाप्रबंधक

संलग्न: यथोक्त


अनुबंध

डीपीएसएस.सीओ.पीडी.सं.115/02.14.003/2020-21 दिनांक 06 अगस्त 2020

ऑफ़लाइन रिटेल भुगतान के लिए पायलट स्कीम

पायलट स्कीम के अंतर्गत, पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर (पीएसओ) - बैंक और गैर-बैंक - डिजिटल भुगतान को ऑफ़लाइन अर्थात, ऐसे भुगतान जिन्हें करने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती है, प्रदान कर सकते हैं । उपयोगकर्ताओं को प्रदान किए गए भुगतान सल्यूशन निम्नलिखित सेवा शर्तों के अधीन होंगे: -

क. भुगतान कार्ड, वॉलेट या मोबाइल उपकरणों या किसी अन्य चैनल के माध्यम से किया जा सकता है।

ख. भुगतान दूरस्थ या निकटस्थ मोड में किया जा सकता है।

ग. भुगतान लेनदेन प्रमाणीकरण के किसी भी अतिरिक्त कारक (एएफ़ए) के बिना भी किए जा सकते हैं।

घ. भुगतान लेनदेन की अधिकतम सीमा रुपये 200/- होगी।

ङ. किसी भी समय एक उपकरण पर ऑफ़लाइन लेनदेन की कुल सीमा रुपये 2,000/- होगी। सीमा को रीसेट करने की अनुमति एएफ़ए के साथ ऑनलाइन मोड में दी जाएगी।

च. लेनदेन विवरण प्राप्त होते ही पीएसओ, उपयोगकर्ताओं को वास्तविक समय में लेनदेन अलर्ट भेजेगा।

छ. संपर्क रहित भुगतान ईएमवी मानकों का पालन करेंगे, जैसा कि अभी तक होता रहा है।

ज. एएफ़ए के बिना ऑफ़लाइन मोड में भुगतान लेनदेन उपयोगकर्ता की पसंद पर निर्भर होगा।

झ. व्यापारी के स्थान पर तकनीकी या सुरक्षा के मुद्दों से उत्पन्न सभी देयताएँ अधिग्राहक को वहन करनी होंगी।

ञ. ये भुगतान, ग्राहकों की देयता को सीमित करना विषय पर दिनांक 06 जुलाई 2017 के परिपत्र डीबीआर.सं.लीगल.बीसी.78/09.07.005/2017-18 और दिनांक 04 जनवरी 2019 के परिपत्र डीपीएसएस.सीओ.पीडी.सं.1417/02.14.006/2018-19 के प्रावधानों के अधीन होंगे।

योजना के अंतर्गत परिचालन आरंभ करने से पूर्व, पीएसओ, उन भुगतान सल्यूशन्स की विस्तृत जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक को देंगे जिन्हें वे आरंभ करने वाले हैं। तथापि, वे भारतीय रिज़र्व बैंक से किसी भी अनुमोदन की प्रतीक्षा किए बिना परिचालन आरंभ कर सकते हैं।

ट. पीएसओ के अलावा नए रचनात्मक सल्यूशन वाली अन्य संस्थाएं अपने उत्पादों को उपलब्ध कराने के लिए पीएसओ के साथ टाई-अप कर सकती हैं ।

भारतीय रिज़र्व बैंक इन शर्तों का पालन न करने की स्थिति में लेनदेन को रोकने और पायलट से बाहर निकलने के लिए किसी पीएसओ सूचित करने का अधिकार रखता है।


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