भारिबैंक/2012-13/503
ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 105
20 मई 2013
सभी श्रेणी -। प्राधिकृत व्यापारी बैंक
महोदया/महोदय,
माल और सॉफ्टवेयर का निर्यात -
निर्यात आय की वसूली और प्रत्यावर्तन - उदारीकरण
प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी -। बैंकों का ध्यान 20 नवंबर 2012 के ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.52 की ओर आकृष्ट किया जाता है, जिसके द्वारा निर्यात किये गये माल अथवा सॉफ्टवेयर का पूरा निर्यात मूल्य दर्शानेवाली राशि की वसूली और भारत को उसके प्रत्यावर्तन की बढ़ायी गयी अवधि निर्यात की तारीख से छ: महीने से बढ़ाकर बारह महीने कर दी गयी थी। यह छूट 31 मार्च 2013 तक उपलब्ध थी।
2. इस मामले की अब समीक्षा की गयी है और भारत सरकार के परामर्श से यह निर्णय लिया गया है कि उपर्युक्त वसूली अवधि निर्यात की तारीख से बारह महीनों के स्थान पर तत्काल प्रभाव से कम करके नौ महीने कर दी जाए, जो 30 सितंबर 2013 तक वैध है।
3. विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित इकाईयों द्वारा निर्यात किये गये माल और सॉफ्टवेयर और भारत से बाहर माल गोदामों को किये गये निर्यात के पूरे निर्यात मूल्य की वसूली और उसे भारत प्रत्यावर्तित करने की अवधि से संबंधित प्रावधान अपरिवर्तित बने रहेंगे।
4. प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत करा दें।
5. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और 11(1) के अंतर्गत और किसी अन्य विधि के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जारी किये गये हैं।
भवदीया,
(रश्मि फौजदार)
मुख्य महाप्रबंधक |