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भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर मौद्रिक दंड लगाया

27 मार्च 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 मार्च 2026 के आदेश द्वारा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की सीमित देयता' और 'आय निर्धारण, आस्ति वर्गीकरण और प्रावधानीकरण प्रक्रियाओं का स्वचालन' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 95.40/- लाख (पचानवे लाख चालीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु आरबीआई द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया था। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त आरबीआई निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

  1. बैंक ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में शामिल राशि को ग्राहक द्वारा इसकी सूचना देने की तारीख से 10 कार्यदिवसों के भीतर उनके खातों में जमा (आभासी प्रतिवर्तन) नहीं किया;

  2. बैंक ने ग्राहकों को अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन को रिपोर्ट करने के लिए एकाधिक माध्यम, जिसे 24x7 एक्सेस किया जा सकता है, की सुविधा प्रदान नहीं की, और

  3. बैंक ने कुछ केसीसी खातों के लिए प्रणाली आधारित आस्ति वर्गीकरण प्रक्रिया में मैनुअल हस्तक्षेप का सहारा लिया।

यह कार्रवाई, सांविधिक और विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)  
मुख्य महाप्रबंधक

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