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भारतीय रिज़र्व बैंक ने पाइन लैब्स लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

27 मार्च 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने पाइन लैब्स लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 मार्च 2026 के आदेश द्वारा, पाइन लैब्स लिमिटेड (जिसे पहले पाइन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से जाना जाता था) [कंपनी] पर आरबीआई द्वारा जारी ‘पूर्वदत्त भुगतान लिखत (पीपीआई)’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए 3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 26(6) के साथ पठित धारा 30(1) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

जुलाई 2024 से मई 2025 की अवधि के परिचालनों के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया था। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर, कंपनी की अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध, पीपीआई धारकों से ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी जानकारी प्राप्त किए बिना कई पूर्ण-केवाईसी प्रीपेड भुगतान लिखत (पीपीआई) जारी करने संबंधी आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)  
मुख्य महाप्रबंधक

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