30 मार्च 2026
बैंक ऋण का क्षेत्र-वार अभिनियोजन – फरवरी 2026
वर्ष 2026 के फरवरी माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्र-वार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एससीबी1 के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।
वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण2 28 फरवरी 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 14.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े (अर्थात, 7 मार्च 2025) में यह 11.1 प्रतिशत था।
28 फरवरी 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण के क्षेत्र-वार अभिनियोजन की मुख्य बातें निम्नानुसार हैं:
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कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए प्रदत्त ऋण में पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 11.4 प्रतिशत की तुलना में इस वर्ष 12.3 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई।
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उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में 13.5 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 7.5 प्रतिशत थी। ‘सूक्ष्म एवं लघु’ तथा ‘मध्यम’ उद्योगों को प्रदत्त ऋण में द्वि-अंकीय विस्तार जारी रहा। बड़े उद्योगों को प्रदत्त ऋण में भी उच्च संवृद्धि दर्ज की गई। प्रमुख उद्योगों में, ‘अवसंरचना’, ‘सभी इंजीनियरिंग’, ‘रसायन और रासायनिक उत्पाद’, ‘कपड़ा’ को बकाया ऋण में वर्ष-दर-वर्ष मजबूत संवृद्धि दर्ज की गई।
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सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 16.3 प्रतिशत की दर से संवृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 11.7 प्रतिशत) जो ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी), ‘और ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’ को प्रदत्त ऋण जैसे खंडों में उच्चतर संवृद्धि से समर्थित था।
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वैयक्तिक ऋण खंड हेतु प्रदत्त ऋण में 15.2 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 11.7 प्रतिशत थी। ‘आवास’ क्षेत्र में स्थिर वृद्धि जारी रही, जबकि ‘वाहन ऋण’ और ‘स्वर्ण आभूषणों के बदले ऋण’ जैसे क्षेत्रों में तीव्र विस्तार बना रहा।
अजीत प्रसाद
उप महाप्रबंधक (संचार)
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2351
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