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बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

प्रेस प्रकाशनी


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आरबीआई ने “भारतीय रिज़र्व बैंक (शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026’’ के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की

6 अप्रैल 2026

आरबीआई ने “भारतीय रिज़र्व बैंक (शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026’’ के मसौदे
पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की

अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाएं पहुँचाने में, विशेष रूप से वंचित, ग्रामीण और दूरस्थ स्थानों के संदर्भ में, कारोबार प्रतिनिधि महत्वपूर्ण सुलाभकर्ताओं के रूप में कार्य कर रहे हैं। कारोबार प्रतिनिधियों के कार्यों की व्यापक जांच करने तथा उनकी दक्षता बढ़ाने हेतु उपयुक्त सिफारिशें करने के उद्देश्य से रिज़र्व बैंक, डीएफएस, आईबीए और नाबार्ड के अधिकारियों को शामिल करते हुए रिज़र्व बैंक ने एक समिति का गठन किया था।

समिति की सिफारिशों के आधार पर तथा दिनांक 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक एवं विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुपालन में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज निम्नलिखित संशोधन निदेशों के मसौदे को जन सामान्य से टिप्पणियों के लिए जारी किया है:

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

  2. भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

  3. भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

  4. भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

  5. भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश,2026

  6. भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

  7. भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक - शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026

2. संशोधन निदेशों के मसौदे में निम्नलिखित प्रस्ताव किए गए हैं: (i) तीन प्रकार के वितरण केंद्रों अर्थात शाखा, कारोबार प्रतिनिधि- बैंकिंग आउटलेट (बीसी-बीओ) और कारोबार प्रतिनिधि- बैंकिंग टचपॉइंट (बीसी-बीटी) को परिभाषित करना (ii) कारोबार प्रतिनिधि को नियोजित करने संबंधी पात्रता मानदंडों को सरल बनाना, (iii) कारोबार सुलभकर्ताओं (बीएफ़) को कारोबार प्रतिनिधि मॉडल के अंतर्गत शामिल करना, (iv) कमीशन/पारिश्रमिक के भुगतान के संबंध में कारोबार प्रतिनिधि पारितंत्र में एकरूपता लाना।

3. विनियमित संस्थाओं और जन सामान्य / अन्य हितधारकों द्वारा संशोधन निदेशों के मसौदे पर टिप्पणियाँ / प्रतिक्रिया 5 मई 2026 को या उससे पहले निम्नलिखित चैनलों के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है:

  1. प्रत्येक दस्तावेज के साथ प्रदान किए गए हाइपरलिंक, जिस पेज पर वे प्रकाशित किए गए हैं, के माध्यम से वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट 2 रेगुलेट' खंड द्वारा; या

  2. विषय पंक्ति में '(संशोधन निदेशों के मसौदे के पूर्ण नाम (विनियमित संस्था के प्रकार सहित)) पर प्रतिक्रिया' लिखकर ई-मेल द्वारा।

(ब्रिज राज)  
मुख्य महाप्रबंधक

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