6 फरवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने संशोधित मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट डेरिवेटिव) निदेश, 2022 का
मसौदा जारी किया
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज संशोधित मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट डेरिवेटिव) निदेश, 2022 का मसौदा जारी किया है। संशोधित निदेशों के मसौदे पर बाजार सहभागियों, हितधारकों और अन्य इच्छुक पार्टियों से 27 फरवरी 2026 तक अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।
अभिमत/ प्रतिक्रिया ई-मेल द्वारा "संशोधित मास्टर निदेश - भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट डेरिवेटिव) निदेश, 2022 के मसौदे पर प्रतिक्रिया" विषय पंक्ति के साथ प्रस्तुत की जा सकती है। वैकल्पिक रूप से यह प्रतिक्रिया निम्नलिखित को प्रेषित किया जा सकता है;
मुख्य महाप्रबंधक
भारतीय रिज़र्व बैंक
वित्तीय बाजार विनियमन विभाग
9वीं मंजिल, केंद्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट
मुंबई - 400 001
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
एक सक्रिय डेरिवेटिव बाजार, ऋण जोखिमों के कुशल प्रबंधन को सुविधाजनक बना सकता है, कॉरपोरेट बांड बाजार में चलनिधि और दक्षता संबंधी सुधार कर सकता है और रेटिंग स्पेक्ट्रम में कॉरपोरेट बांड जारी करने की सुविधा प्रदान कर सकता है। तदनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसार और जैसा कि 6 फरवरी 2026 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में उल्लेख किया गया था, ऋण सूचकांकों पर डेरिवेटिव तथा कॉर्पोरेट बांडों पर कुल विवरणी स्वैप की शुरुआत को सक्षम करने के लिए एक विनियामक ढांचे का मसौदा जन सामान्य की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया जा रहा है। इस मसौदा में क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप के लिए मौजूदा निदेश सहित सभी क्रेडिट डेरिवेटिव के लिए समेकित प्रावधान शामिल हैं। ऋण सूचकांकों पर डेरिवेटिव और कुल विवरणी स्वैप से संबंधित निदेश, जिन पर प्रतिक्रिया मांगी जा रही है, पर प्रकाश डाला गया है।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2062 |