6 फरवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - शाखा प्राधिकरण निदेश संबंधी संशोधन निदेश के
मसौदे पर जन-सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की
रिज़र्व बैंक ने 28 नवंबर 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां-शाखा प्राधिकरण) निदेश, 2025 (इसके बाद 'मास्टर निदेश' के रूप में संदर्भित) जारी किया था, जो अन्य बातों के साथ-साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की शाखाओं को खोलने और बंद करने संबंधी विनियमावली निर्धारित करता है। दिनांक 6 फरवरी 2026 को गवर्नर के वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, रिज़र्व बैंक ने आज भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां- शाखा प्राधिकरण) संशोधन निदेश, 2026 जारी किए हैं। परिणामस्वरूप, भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - सार्वजनिक जमा स्वीकृति) निदेश, 2025 और भारतीय रिज़र्व बैंक (आवास वित्त कंपनियां) निदेश, 2025 के प्रासंगिक अनुच्छेदों में यथोचित संशोधन किए जाएँगे।
उक्त मसौदा निदेशों पर, विनियमित संस्थाओं और अन्य पक्षकारों से, 27 फरवरी 2026 तक टिप्पणियां/प्रतिक्रिया आमंत्रित की जाती हैं। टिप्पणी/ प्रतिक्रिया रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘कनेक्ट 2 रेगुलेट’ खंड के अंतर्गत दी गई लिंक के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, टिप्पणियां/प्रतिक्रिया निम्नलिखित पते पर भी अग्रेषित किए जा सकते हैं:
मुख्य महाप्रबंधक
पंजीकरण और प्राधिकरण समूह
विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय
भारतीय रिज़र्व बैंक, 12वीं मंजिल
शहीद भगत सिंह मार्ग
फोर्ट, मुंबई – 400001
अथवा 'एनबीएफसी शाखा प्राधिकरण निदेशों में संशोधन पर प्रतिक्रिया' विषय के साथ ईमेल द्वारा प्रेषित की जा सकती हैं।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
एनबीएफसी की शाखाओं को खोलने और बंद करने के संबंध में मौजूदा दिशा- निर्देश भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां-शाखा प्राधिकरण) निदेश, 2025 के तहत निर्धारित किए गए हैं, जो एनबीएफसी की विभिन्न श्रेणियों (एचएफसी सहित) पर लागू हैं। व्यापक समीक्षा के आधार पर तथा उभरते हुए विनियामकीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि एनबीएफ़सी द्वारा भारत में शाखाओं को खोलने के लिए पूर्व अनुमोदन/सूचना की आवश्यकता को समाप्त किया जाए।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2059 |