बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


सरकारी पेंशनभोगि‍यों को पेंशन का भुगतान

22 दिसंबर 2017 को अद्यतन किया गया

प्राधि‍कृत बैंकों द्वारा केंद्र सरकारी पेंशनभोगि‍यों को पेंशन भुगतान के लि‍ए योजना

संबंधित केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों द्वारा पेंशन योजनाओं/नियमों को तैयार किया जाता है। ऐसी कुछ योजनाओं के लिए लिंक www.rbi.org.in के खंड अधिसूचनाएं>मास्टर परिपत्र>बैंकों के बैंकर>एजेंसी बैंकों द्वारा पेंशन का संवितरण पर उपलब्ध है। भारतीय रि‍जर्व बैंक, सभी केंद्र सरकार के वि‍भागों के संबंध में अपने एजेंसी बैंकों द्वारा कि‍ए गए पेंशन संवि‍तरण पर नि‍गरानी रखता है। इस प्रक्रिया में हमें पेंशन भोगियों से पेंशन के निर्धारण, गणना और पेंशन का भुगतान, जि‍समें समय-समय पर पेंशन/महंगाई राहत में संशोधन, एक बैंक शाखा से दूसरे बैंक शाखाओं में पेंशन खातों का अंतरण आदि‍ शामि‍ल है, से संबंधित अनेक पूछताछ/शि‍कायतें प्राप्त हो रही हैं। रिज़र्व बैंक ने इन पूछताछ/शि‍कायतों का वि‍श्लेषण कि‍या है और इन्हें अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर के रूप में यहाँ प्रस्तुत किया है। आशा है कि इससे पेंशनभोगियों के मन में उठने वाले अधिकतर प्रश्नों/शंकाओं का समाधान हो जाएगा।

1. क्या पेंशनभोगी बैंक शाखा से अपने पेंशन का आहरण कर सकेगा?

हां। इसके पहले अपना पेंशन, कोषागार या डाकघर से आहरि‍त करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए भी, प्राधि‍कृत बैंक शाखाओं से अपना पेंशन आहरण करने का वि‍कल्प उपलब्ध है।

2. पेंशन स्वीकृति‍ प्राधि‍कारी कौन है?

वह मंत्रालय/वि‍भाग/कार्यालय पेंशन स्वीकृति‍ प्राधि‍कारी है, जहाँ से सरकारी सेवक ने अंत में सेवा की थी। पहली बार इस प्राधि‍कारी द्वारा पेंशन का नि‍र्धारण कि‍या जाता है और उसके बाद का वेतन नि‍र्धारण, अगर कोई हो तो, पेंशन का भुगतान करने वाली बैंक संबंधित केंद्र/राज्य सरकार के प्राधि‍कारी से प्राप्त अनुदेशों के आधार पर करता है।

3. क्या पेंशनभोगी के लि‍ए यह आवश्यक है कि‍ वह पेंशन की राशि‍ जमा कराने हेतु प्राधि‍कृत बैंक में अलग से पेंशन खाता खोले?

पेंशनभोगी को अलग से पेंशन खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है। पेंशनभोगी द्वारा दर्शाई गई चयनि‍त शाखा में अनुरक्षित वर्तमान बचत/चालू खाते में पेंशन जमा किया जा सकता है।

4. क्या पेंशनभोगी, पति/पत्नी के साथ संयुक्त खाता खोल सकता है?

हाँ। केंद्र सरकार के सभी पेंशनभोगी अपने पति‍/पत्नी के साथ संयुक्त खाता खोल सकते हैं।

5. क्या पेंशनभोगी का पति/पत्नी के साथ संयुक्त –खाता, “पहला या उत्तरजीवी” अथवा “कोई एक या उत्तरजीवी" आधार पर परि‍चालि‍त कि‍या जा सकता है?

हां। पेंशनभोगी का पति/पत्नी के साथ संयुक्त –खाता, “पहला या उत्तरजीवी” अथवा “कोई एक या उत्तरजीवी” आधार पर परि‍चालि‍त कि‍या जा सकता है।

6. क्‍या पेंशनभोगी की मृत्‍यु के पश्‍चात उसके द्वारा धारित संयुक्‍त खाता परिवार पेंशन के लिए जारी रखा जा सकता है?

हां। बैंकों को केंद्र सरकार के पेंशनभोगी के मामले में नया खाता खोलने के लिए आग्रह नहीं करना चाहिए यदि उत्‍तरजीवी पति/पत्‍नी के पक्ष में पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) में परिवार पेंशन के लिए प्राधिकार उपलब्‍ध है तो इस उद्देश्य से परिवार पेंशनभोगी द्वारा नया खाता खोले बिना वर्तमान खाते में ही परिवार पेंशन जमा किया जाना चाहिए।

7. बैंक में अनुरक्षित पेंशन खाते में कि‍तनी न्यूनतम शेष राशि‍ रखी जानी चाहि‍ए?

भारतीय रिज़र्व बैंक ने पेंशनभोगी द्वारा पेंशन खाते में न्यूनतम कि‍तनी राशि‍ रखी जाए, यह नि‍र्धारि‍त नहीं किया है। इस संबंध में अलग-अलग बैंकों ने अपने स्वयं के नि‍यम बनाए हैं।

8. प्राधि‍कृत बैंक शाखा को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) कौन भेजता है?

मंत्रालयों/वि‍भागों के संबंधि‍त पेंशन स्वीकृति प्राधि‍कारी उन बैंक शाखाओं को पेंशन भुगतान आदेश अग्रेषित करते है, जहां से पेंशनभोगी अपना पेंशन आहरि‍त करना चाहता है। तथापि सीपीपीसी लागू होने पर पेंशन स्वीकृति प्राधिकारियों ने बैंक शाखाओं के बजाए बैंक के सीपीपीसी को पीपीओ भेजना शुरू कर दिया है।

9. भुगतान शाखा द्वारा पेंशनभोगी के खाते में, पेंशन कब जमा की जाती है?

भुगतानकर्ता बैंक शाखा द्वारा पेंशन, मार्च के महीने को छोड़कर (जिसके लिए पेंशन अप्रैल के प्रथम कार्यदिवस पर या इसके पश्चात जमा की जाती है), पेंशन शाखा की सुवि‍धा के अनुसार, महीने के अंति‍म चार कार्य दि‍वसों पर जमा की जाती है।

10. क्या पेंशनभोगी अपना पेंशन खाता उसी बैंक के एक शाखा से दूसरी शाखा में अथवा अन्य बैंक की शाखा में स्थानांतरित कर सकता है?

पेंशनभोगी, अपना पेंशन खाता उसी बैंक की एक शाखा से दूसरी शाखा में और उसी केंद्र के भीतर अथवा अलग केंद्र पर एक प्राधि‍कृत बैंक से दूसरी प्राधि‍कृत बैंक में अपना खाता स्थानांतरित कर सकता है।

11. क्या पेंशन भुगतान शाखा को अपने द्वारा कि‍ए गए पेंशन भुगतानों का वि‍वरणात्मक ब्यौरा नि‍र्धारि‍त प्रारूप में अनुरक्षि‍त करना होता है?

हाँ। पेंशन भुगतान शाखा/सीपीपीसी को समय-समय पर कि‍ए गए पेंशन भुगतानों का वि‍वरणात्मक ब्यौरा प्राधि‍कृत अधि‍कारी द्वारा विधिवत् सत्यापित करवाकर निर्धारित प्रारूप में अनुरक्षि‍त करना होता है।

12. क्या पेंशन भुगतानकर्ता बैंक, पेंशनभोगी के खाते में किए गए अधि‍क भुगतान को वसूल कर सकता है?

हां। भुगतानकर्ता शाखा, पेंशन जारी करने से पहले, पेंशनभोगी से विहित प्रारूप में, इस आशय का घोषणापत्र लेती है और इसीलिए कोई वास्तवि‍क जानकारी देरी से मि‍लने या अन्य कि‍सी वास्तविक गलती के कारण, पेंशनभोगी के खाते में हुए अधि‍क भुगतान की वसूली कर सकती है। बैंक, मृतक पेंशनभोगी के खाते में कि‍ए गए पेंशन के अधि‍क भुगतान को, उसके कानूनी उत्तराधि‍कारी/नामिती से भी वसूल कर सकता है।

13. क्या नवंबर माह में, पेंशनभोगी को बैंक को जीवन प्रमाणपत्र/रोजगार में नहीं होने या रोजगार में होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनि‍वार्य है? यदि हाँ तो इन अपेक्षाओं को किस प्रकार पूरा किया जाना है?

हाँ। पेंशनभोगी को हर वर्ष नवंबर माह में निर्धारित प्रारूप में बैंक को जीवन प्रमाणपत्र/रोजगार में न होने या होने का प्रमाणपत्र बैंक को प्रस्तुत करना होता है ताकि बिना किसी अड़चन के पेंशन प्राप्त होना जारी रहे। पेंशनभोगी जीवन प्रमाणपत्र जारी करवाने के लिए पहचान करने हेतु पेंशन भुगतान बैंक की किसी भी शाखा में उपस्थित हो सकते हैं। यदि‍ पेंशनभोगी गंभीर बीमारी/अक्षमता के कारण जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त करने में असमर्थ है तो बैंक अधिकारी उसके घर/अस्पताल जाकर जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त करेंगें।

ये भी शिकायतें मिल रही हैं कि पेंशन भुगतानकर्ता शाखाओं के काउंटर पर जमा किए गए जीवन प्रमाणपत्र गुम हो जाते हैं जिसके कारण मासिक पेंशन के भुगतान में देरी होती है। पेनशनरों द्वारा सामना की जा रही मुश्किलों को कम करने के लिए, एजेंसी बैंकों को निर्देश दिया गया था कि वे जीवन प्रमाणपत्र प्राप्त होने पर अनिवार्य रूप से पावती दें। उनसे यह भी अनुरोध किया गया था कि वे जीवन प्रमाणपत्र की प्राप्ति को अपने सीबीएस में भी दर्ज़ करें और यंत्रजनित पावती भी दें जिससे पावती और रिकार्डों को तत्काल अद्यतन कर देने के दोहरे उद्देश्य की पूर्ति भी हो जाएगी।

आधार संख्या धारक पेंशनभोगी भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया डिजिटल जीवन प्रमाण भी जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें वेबसाइट www.jeevanpramaan.gov.in से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जेनरेट करने वाला अनुप्रयोग डाउनलोड करके अथवा वेबसाइट में बताए गए अन्य तरीके से स्वयं को नामांकित करना होगा और बायोमेट्रिक रूप से स्वयं को अधिप्रमाणित करना होगा। जीवन प्रमाण के रूप में एकबार डिजिटल प्रमाणपत्र पूरी तरह लागू हो जाने के बाद, पेंशन भुगतान करने वाली शाखाएँ जीवन प्रमाण की वेबसाइट पर जाकर और अपने पेंशन भोगी ग्राहकों के जीवन प्रमाणपत्र खोजकर अथवा अपने सीबीएस में डाउनलोड करके अपने पेंशन भोगी ग्राहकों के जीवन प्रमाणपत्र की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। पेंशनर ईमेल या एसएमएस द्वारा भी अपने जीवन प्रमाणपत्र का लिंक अपनी बैंक शाखा को अग्रेषित कर सकेंगे।

14. पेंशन भुगतान में से स्त्रोत पर कर कटौती के लि‍ए कौन जि‍म्मेदार है?

पेंशन भुगतानकर्ता बैंक आयकर प्राधि‍कारि‍यों द्वारा समय समय पर नि‍र्धारि‍त दरों पर, पेंशन राशि‍ से आयकर की कटौती हेतु जि‍म्मेदार है। पेंशन राशि में से ऐसे कर की कटौती करते समय, पेंशन भुगतानकर्ता बैंक पेंशनरों को आयकर अधि‍नि‍यम के अंतर्गत मिलने वाली राहत को, स्रोत से घटाएगी। भुगतानकर्ता शाखा, प्रति‍ वर्ष अप्रैल में, विहित प्रारूप में, कर कटौती का प्रमाणपत्र, पेंशनभोगी को जारी करती है। यदि‍ पेंशनभोगी कर देयता से मुक्त है तो उसे विहित प्रारूप में पेंशन भुगतानकर्ता शाखा को इस संबंध में घोषणापत्र प्रस्तुत करना होगा।

15. क्या वृद्ध, बीमार, वि‍कलांग पेंशनभोगी जो कि ‍हस्ताक्षर करने में असमर्थ है, पेंशन खाता खोल सकता है या पेंशन खाते से पेंशन आहरण कर सकता है?

ऐसा पेंशनभोगी, जोकि‍ वृद्ध, बीमार या अपने दोनों हाथ खो चुका हो और हस्ताक्षर नहीं कर सकता हो, अपने हाथ या पैर के अंगूठे या कोई अन्य नि‍शान, पेंशनखाता खोलने के फार्म में लगा सकता है। पेंशन आहरण करते समय, वह हाथ या पैर के अंगूठे का नि‍शान, चेक/आहरण फार्म पर लगा सकता है, जि‍सकी दो स्वतंत्र साक्षि‍यों, जि‍समें एक का बैंक अधि‍कारी होना आवश्यक है और दोनों को बैंक में परिचित होना जरूरी है, के द्वारा पहचान की जानी चाहि‍ए।

16. यदि‍ पेंशनभोगी, हस्ताक्षर करने या हाथ/पैर का अंगूठा लगाने या बैंक में उपस्थि‍त होने में असमर्थ है तो क्या वह अपने खाते से पेंशन आहरण कर सकता है?

ऐसे मामलों में पेंशनभोगी चेक/आहरण फार्म पर कोई भी नि‍शान लगा सकता है और बैंक को यह दर्शा सकता है कि‍ चेक/आहरण फार्म के आधार पर बैंक से, कौन पेंशन आहरण करेगा। ऐसे व्यक्ति‍ की पहचान दो स्वतंत्र साक्षि‍यों द्वारा की जानी चाहि‍ए। बैंक को उस व्यक्ति‍ से, जो वास्तवि‍क तौर पर बैंक से राशि ‍का आहरण कर रहा है, अपने नमूना हस्ताक्षर, बैंक में प्रस्तुत करने के लिए कहा जाना चाहि‍ए।

17. परि‍वार पेंशन कब प्रारंभ होती है?

परि‍वार पेंशन, पेंशनभोगी की मृत्यु पर प्रारंभ होती है। परि‍वार पेंशन, पेंशन भुगतान आदेश में दर्शित व्यक्ति‍ को, मृत्यु प्रमाणपत्र एवं नामिती से आवेदन प्राप्त होने पर देय होती है।

18. पेंशनभोगी को संशोधि‍त दर पर महंगाई राहत का भुगतान कैसे होता है?

जब भी पेंशन/परि‍वार पेंशन पर सरकार द्वारा कोई अतिरिक्त राहत स्वीकृत की जाती है तो इसे एजेंसी बैंकों को, अपनी पेंशन भुगतानकर्ता शाखाओं को, पेंशनभोगियों को भुगतान करने के उचित नि‍र्देश जारी करने हेतु, अविलंब सूचि‍त कि‍या जाता है। सरकारी वि‍भागों द्वारा जारी आदेश उनकी वेबसाइट पर प्रदर्शि‍त कि‍ए जाते हैं, एवं बैंकों को, इन अद्यतन नि‍र्देशों को वेबसाइट पर देखकर, भारतीय रि‍ज़र्व बैंक के नि‍र्देशों की प्रतीक्षा कि‍ए बि‍ना, पालन करने के लिए नि‍र्देशि‍त कि‍या गया है।

19. क्या पेंशनभोगी को पेंशन पर्ची मि‍लती है?

हां। केंद्र सरकार (सि‍वि‍ल, रक्षा और रेलवे) के नि‍र्णय के अनुसार, पेंशन भुगतानकर्ता बैंकों को, यह नि‍र्देश दि‍या गया है कि‍ पहली बार पेंशन भुगतान करते समय और फि‍र मूल पेंशन में संशोधन या महंगाई राहत में संशोधन के कारण, पेंशन की राशि‍ बदलने पर, वि‍हि‍त प्रारूप में पेंशन पर्ची जारी की जाए।

20. अपनी शि‍कायतों के नि‍पटान के लि‍ए पेंशनभोगी कि‍स प्राधि‍कारी से संपर्क करें?

पेंशनभोगी के लिए संपर्क बिंदु के रूप में शाखा/सीपीपीसी हैं। पेंशनभोगी संबंधित बैंकों द्वारा नामित नोडल अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं और वे (नोडल अधिकारी) पेंशन अदालत की तर्ज पर अपने अधिकार क्षेत्र में विभिन्न स्थलों पर नियमित बैठक आयोजित करेंगे। वे अपनी पूछताछ/शिकायतों से संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए संबंधित बैंक की पेंशन हेतु समर्पित टोल फ्री फोन लाइन के माध्यम से भी बैंक से संपर्क कर सकते हैं। बैंक द्वारा प्रदान की गई सेवाओं में कमी के मामले में पेंशनभोगी भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित उस क्षेत्रीय कार्यालय, जिसके क्षेत्राधिकार में यह बैंक शाखा आती है तथा जहाँ पेंशन भोगी का खाता है, के उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।

21. पेंशनभोगी, पेंशन/महंगाई राहत में परि‍वर्तन या पेंशन संबंधी मामलों के लि‍ए जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?

पेंशनभोगी, पेंशन संबंधी मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए, सबंधि‍त सरकारी वि‍भाग की वेबसाइट और भारतीय रि‍ज़र्व बैंक की वेबसाईट (www.rbi.org.in) भी देख सकते हैं।

22. क्या पेंशनभोगी, पेंशन/बकाया पेंशन विलंब से जमा किए जाने पर एजेंसी बैंकों से क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए पात्र हैं?

हां। पेंशनभोगी, पेंशन/ बकाया पेंशन के देरी से जमा होने पर, 8% प्रतिवर्ष (1 अक्तूबर 2008 से) की निश्चित दर पर, क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए पात्र है और इसे बैंक द्वारा, पेंशनभोगी के खाते में, पेंशनभोगी द्वारा किसी दावे की प्रतीक्षा किए बिना, स्वतः ही उस दिन जमा किया जाएगा, जिस दिन, बैंक, ऐसे पेंशन/ बकाया पेंशन को देरी से जमा करता है।


यह एफ़एक्यू भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन के उद्देश्य से जारी किया गया है, जिसे किसी विधिक कार्यवाही में उद्धृत नहीं किया जा सकता है और इसका कोई विधिक प्रयोजन नहीं होगा। इसका आशय कोई विधिक परामर्श अथवा विधिक राय के रूप में नहीं माना जाएगा। भारतीय रिज़र्व बैंक इसके आधार पर की गई कार्रवाई/लिए गए निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। स्पष्टीकरण या व्याख्या के लिए, यदि कोई हो तो, पाठकों से अनुरोध है कि वे बैंक और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी संबंधित परिपत्र और अधिसूचना से मार्गदर्शन प्राप्त करें।

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