भा.रि.बैंक/2025-26/192
ए.पी. (डीआईआर सीरीज़) परिपत्र सं. 19
12 जनवरी, 2026
सभी श्रेणी-I प्राधिकृत व्यापारी बैंक
महोदया / महोदय
विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रबंध (गारंटी) विनियमावली, 2026 को जारी किया है। प्राधिकृत व्यापारी बैंकों को निदेश दिया जाता है कि वे ऐसी गारंटी, जिसका कोई भी पक्षकार भारत के बाहर का निवासी व्यक्ति हो, की सुविधा प्रदान करते समय उक्त विनियमावली द्वारा निर्देशित हों। प्राधिकृत व्यापारी बैंक यह भी ध्यान रखें कि भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमन विभाग द्वारा जारी विनियामक दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
2. विनियमावली में सभी गारंटियों – जारी की गयी, परिवर्तित की गयी या आह्वान की गयी, की व्यापक रिपोर्टिंग, विनियमावली के साथ संलग्न फॉर्म जीआरएन में प्राधिकृत व्यापारी बैंकों को किये जाने का प्रावधान है। प्राधिकृत व्यापारी बैंकों द्वारा प्राप्त विवरणियों को संकलित करने और प्रस्तुत करने का तरीका और प्रारूप यथा समय सूचित किया जाएगा।
3. उपरोक्त विनियमावली के जारी होने पर,
(क) इन निदेशों के अनुबंध में उल्लिखित ए.पी. (डीआईआर सीरीज़) परिपत्र निरस्त किए जा रहे हैं, इस तरह के अधिक्रमण से पहले की गई या की जाने वाली चीजों को छोड़कर।
(ख) व्यापार ऋण के लिए जारी गारंटी की तिमाही रिपोर्टिंग, मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही से बंद की जा रही है।
(ग) मास्टर निदेश – बाह्य वाणिज्यिक उधार, व्यापार ऋण और संरचित बाध्यताएं; मास्टर निदेश – माल और सेवाओं का निर्यात; मास्टर निदेश – माल और सेवाओं का आयात; मास्टर निदेश – अन्य विप्रेषण सुविधाएं; और मास्टर निदेश – विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रिपोर्टिंग, में गारंटी से संबन्धित प्रावधानों को संशोधित किया जा रहा है।
4. प्राधिकृत व्यापारी बैंक इस परिपत्र की विषय-वस्तु से अपने घटकों और ग्राहकों को अवगत कराएँ।
5. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4), 11(1) और 11(2) के अंतर्गत जारी किये गए हैं और ये किसी अन्य विधि/ कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/ अनुमोदन, यदि कोई हो, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।
भवदीय
(डॉ. आदित्य गेहा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक
अनुबंध
|