मास्टर निदेशों

मास्टर निदेश – माल और सेवाओं का आयात

भा.रि.बैंक/विमुवि 2016-17/12
विदेशी मुद्रा विभाग मास्टर निदेश संख्या सं.17/2016-17

01 जनवरी 2016
[20 अक्तूबर 2016 तक अद्यतन]
[31 मार्च 2016 तक अद्यतन]
[04 फरवरी 2016 तक अद्यतन]

सभी श्रेणी- I प्राधिकृत व्यापारी बैंक और प्राधिकृत बैंक

महोदया / प्रिय महोदय,

मास्टर निदेश – माल और सेवाओं का आयात

दिनांक 03 मई 2000 की अधिसूचना जी.एस.आर.381[ई] अर्थात, विदेशी मुद्रा प्रबंधन [चालू खातेगत लेनदेन] विनियमावली, 2000 के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 [1999 का 42] की धारा-5 के अनुसरण में भारत में माल और सेवाओं का आयात करने की अनुमति दी गयी है| इन विनियमों को समय-समय पर संशोधित किया जाता है ताकि उनमें संशोधन अधिसूचनाओं के जरिये प्रकाशित विनियामक ढाचें में किये गये परिवर्तनों को शामिल किया जा सके।

2. साथ ही, विनियमावली की रूपरेखा के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक भी विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 की धारा-11 के अंतर्गत प्राधिकृत व्यक्तियों को निदेश जारी करता है| तैयार किये गये विनियमों को अमल में लाने के लिए इन निदेशों में प्राधिकृत व्यक्तियों को अपने ग्राहकों /घटकों के साथ विदेशी मुद्रा का कारोबार किस प्रकार से करना है उसके तौर-तरीके निर्धारित किये जाते हैं|

3. इस मास्टर निदेश में भारत में माल और सेवाओं का आयात करने के संबंध में जारी किये गये अनुदेश संकलित किये गये हैं| नीचे उल्लिखित परिपत्रों /अधिसूचनाओं की सूची, जो इस मास्टर निदेश का आधार है, परिशिष्ट में दी गयी है | रिपोर्टिंग संबंधी अनुदेश रिपोर्टिंग पर मास्टर निदेश में देखें जा सकते हैं [दिनांक 01 जनवरी 2016 का मास्टर निदेश सं.18]

4. यह नोट किया जाए कि जहां आवश्यक हो, वहां अगर विनियमों में अथवा प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा उनके ग्राहकों / घटकों के साथ किये जानेवाले लेनदेनों के तरीके में कोई परिवर्तन होता है तो रिज़र्व बैंक प्राधिकृत व्यापारियों को ए.पी. [डीआईआर सिरीज़] परिपत्र के माध्यम से निदेश जारी करेगा| इसके साथ जारी किये गये मास्टर निदेशों में उसी समय संशोधन किया जाएगा|

भवदीय,

(ए. के. पाण्डेय)
मुख्य महा प्रबंधक


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