मास्टर निदेशों

मास्टर निदेश – अन्य विप्रेषण सुविधाएं

आरबीआई/एफ़ईडी/2015-16/4
एफ़ईडी मास्टर निदेश सं 8/2015-16

1 जनवरी, 2016
(11 फरवरी, 2016 की स्थिति के अनुसार अद्यतन)

विदेशी मुद्रा में सभी प्राधिकृत व्यक्ति

महोदया / महोदय,

मास्टर निदेश – अन्य विप्रेषण सुविधाएं

भारत सरकार की दिनांक 3 मई, 2000 की अधिसूचना सं जी.एस.आर 381 (ई) के साथ पठित विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 की धारा 5 के अनुसार निवासियों के लिए विविध विप्रेषण सुविधाओं की अनुमति है। विनियामक फ्रेमवर्क में परिवर्तनों को शामिल करने के लिए इन नियमों/ विनियमों में समय – समय पर संशोधन अधिसूचनाओं के माध्यम से उन्हें प्रकाशित किया जाता है।

2. नियमों/ विनियमों की परिधि के भीतर, भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (एफ ई एम ए), 1999 की धारा 11 के अधीन प्राधिकृत व्यक्तियों को निदेश भी जारी करता है। ये निदेश वे कार्यविधियां निर्धारित करते हैं जिनसे यह निर्धारित होता है कि प्राधिकृत व्यक्ति अपने ग्राहकों/ घटकों के साथ विदेशी मुद्रा का कारोबार कैसे करेंगे ताकि बनाए गए विनियमों को कार्यान्वित किया जा सके।

3. निवासियों के लिए विप्रेषण सुविधाओं के संबंध में जारी किए गए अनुदेश इस मास्टर निदेश में संकलित किए गए हैं। अंतर्निहित परिपत्रों/ अधिसूचनाओं की सूची जो इस मास्टर निदेश का आधार है परिशिष्ट में दी गई है। रिपोर्टिंग अनुदेश रिपोर्टिंग पर मास्टर निदेशों में (मास्टर निदेश सं 18 दिनांक 1 जनवरी, 2016)।

4. यह ध्यान में रखा जाए कि जब भी आवश्यक हो, विनियमों में किसी परिवर्तन या प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा अपने ग्राहकों/ घटकों के साथ सबंधित लेनदेनों के तरीके के बारे में रिज़र्व बैंक प्राधिकृत व्यापारियों को ए.पी. (डी आई आर सिरीज़) के माध्यम से अनुदेश जारी करेगा । अब जारी मास्टर निदेश यथोचित रूप से साथ- साथ संशोधित किया जाएगा।

भवदीय

(ए. के. पाण्डेय)
मुख्य महाप्रबंधक


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