बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

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त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढांचा – इण्डियन ओवरसीज़ बैंक

29 सितंबर 2021

त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढांचा – इण्डियन ओवरसीज़ बैंक

वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड द्वारा इण्डियन ओवरसीज़ बैंक, जो वर्तमान में आरबीआई के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढांचा (पीसीएएफ) के तहत है, के कार्यनिष्पादन की समीक्षा की गई। यह पाया गया कि 31 मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के लिए बैंक के प्रकाशित परिणामों के अनुसार, बैंक ने पीसीए मानकों का उल्लंघन नहीं किया है। बैंक ने एक लिखित प्रतिबद्धता प्रदान की है कि वह निरंतर आधार पर न्यूनतम विनियामक पूंजी, निवल एनपीए और लीवरेज अनुपात के मानदंडों का पालन करेगा और आरबीआई को तैयार किए गए संरचनात्मक और प्रणालीगत सुधारों से अवगत कराया है, जो बैंक को इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद करेंगे।

उपरोक्त सभी को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि इण्डियन ओवरसीज़ बैंक को कतिपय शर्तों और निरंतर निगरानी के अधीन पीसीए प्रतिबंधों से बाहर कर दिया जाए।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

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