शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


(305 kb )
दी बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार – मौद्रिक दंड

12 अप्रैल 2021

दी बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बिहार – मौद्रिक दंड

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 46 (4) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दी बिहार अवामी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर केवाईसी पर जारी वर्तमान निदेश व विनिर्दिष्ट बैंक नोट के विनिमय संबंधी भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर 5,00,000/- (रुपये पाँच लाख मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया, जिसके जवाब में बैंक ने एक लिखित उत्तर प्रस्तुत किया। मामले के तथ्यों और बैंक के जवाब पर विचार करने के बाद, रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि उल्लंघनों की पुष्टि हुई है और इसके लिए बैंक पर दंड लगाना आवश्यक है।

यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमी पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी भी लेनदेन या बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी करार की वैधता पर निर्णय नहीं है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/46

2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख
Server 214
शीर्ष