शहरी बैंकिंग

शायद यह भूमिका हमारे कार्यकलापों का सबसे अधिक अघोषित पहलू है, फिर भी यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करना, देश की वित्तीय मूलभूत सुविधा के निर्माण के लिए डिज़ाइन किए गए संस्थानों की स्थापना करना, वहनीय वित्तीय सेवाओं की पहुंच में विस्तार करना और वित्तीय शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रेस प्रकाशनी


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बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत सर्व-समावेशी निदेशों का वापस लिया जाना- यूथ डेव्लपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि, कोल्हापुर, महाराष्ट्र

05 अप्रैल 2021

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत
सर्व-समावेशी निदेशों का वापस लिया जाना- यूथ डेव्लपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि, कोल्हापुर, महाराष्ट्र

यूथ डेव्लपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि, कोल्हापुर, महाराष्ट्र को भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 04 जनवरी 2019 के निदेश सं. DCBS.CO.BSD-I/D-6/12.22.311/2018-19 के माध्‍यम से 05 जनवरी 2019 की कारोबार की समाप्ति से छह महीनो तक निदेशाधीन रखा गया था। इन निदेशों की वैधता को समय-समय पर बढ़ाया गया और आखिरी बार वैधता का समय 05 अप्रैल 2021 तक बढ़ाया गया था।

2. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस बात से संतुष्ट होकर कि जनहित में ऐसा करना आवश्यक है, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए की उपधारा (2) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतदद्वारा दिनांक 05 अप्रैल 2021 से यूथ डेव्लपमेंट को-ऑपरेटिव बैंक लि, कोल्हापुर, महाराष्ट्र के लिए जारी किए गए सर्व समावेशी निदेशों को वापस लिया जा रहा है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

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