बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

प्रेस प्रकाशनी


भारतीय रिजर्व बैंक ने नैनीताल बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक जुर्माना लगाया

13 मई, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक ने नैनीताल बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक जुर्माना लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने नैनीताल बैंक लिमिटेड (बैंक) पर एनपीए पहचान के संबंध में रिज़र्व बैंक द्वारा जारी विशेष दिशानिर्देश के बावजूद पूर्णतः स्वचालित एनपीए पहचान प्रक्रिया में उसकी विफलता के लिए 06 मई 2019 को एक आदेश द्वारा 10 मिलियन का मौद्रिक दंड लगाया। यह मौद्रिक दंड रिज़र्व बैंक द्वारा जारी उपर्युक्त दिशानिर्देश के अनुपालन में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए(1) (सी) के प्रावधानों के तहत रिज़र्व बैंक में निहित शक्तियों के प्रयोग करते हुए लगाया गया है । यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता से यह कार्रवाई संबन्धित नहीं है ।

पृष्ठभूमि

31 मार्च, 2016 को अपनी वित्तीय स्थिति के संदर्भ में बैंक कि सांविधिक निरीक्षण के आधार पर, एक नियत समय सीमा के भीतर बैंक को अपनी एनपीए पहचान प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित करने के लिए एक विशिष्ट दिशानिर्देश जारी किया गया था। यह दिशानिर्देश 31 मार्च, 2017 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उनकी सांविधिक निरीक्षण रिपोर्ट में पुन: परिचालित की गई थी और इसकी समय सीमा बढ़ा दी गई थी। तथापि, बैंक उपर्युक्त दिशानिर्देश का अनुपालन करने में विफल रहा और बैंक को एक कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया गया, जिसमें यह सूचित किया गया कि वे बताएं कि दिशनिर्देशों के गैर- अनुपालन के लिए उनपर दंड क्यों न लगाया जाए। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान बैंक से प्राप्त जवाब और प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, रिज़र्व बैंक ने बैंक पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का फैसला किया।

शैलजा सिंह
उप महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2018-2019/2663

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