भुगतान और निपटान प्रणाली

अर्थव्‍यवस्‍था की समग्र दक्षता में सुधार करने में भुगतान और निपटान प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अंतर्गत राशि-मुद्रा, चेकों जैसी कागज़ी लिखतों के सुव्‍यवस्थित अंतरण और विभिन्‍न इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यमों के लिए विभिन्‍न प्रकार की व्‍यवस्‍थाएं हैं।

प्रेस प्रकाशनी


भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत बिल भुगतान प्रणाली पर अंतिम दिशानिर्देश जारी किए

28 नवंबर 2014

भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत बिल भुगतान प्रणाली पर अंतिम दिशानिर्देश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के कार्यान्‍वयन संबंधी अंतिम दिशानिर्देश जारी किए।

इन दिशानिर्देशों के अनुसार भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) बीबीपीएस प्रक्रियाओं के लिए ऐसे मानक निर्धारित करने हेतु प्राधिकृत भारत बिल भुगतान केंद्रीय इकाई (बीबीपीसीयू) के रूप में कार्य करेगा जिनका पालन इस प्रणाली में शामिल सभी परिचालनकारी इकाइयों (भारत बिल भुगतान परिचालनकारी इकाइयां - बीबीपीओयू) के लिए अपेक्षित होगा। एनपीसीआई बीबीपीसीयू होने के नाते इन दिशानिर्देशों में बताए अनुसार बीबीपीएस से संबंधित समाशोधन एवं निपटान कार्य करेगा।

बीबीपीएस के संभावित सहभागियों को सूचित किया जाता है कि वे तत्‍संबंधी तौर-तरीके तय करने हेतु एनपीसीआई से विचार-विमर्श करें। संभावित बीबीपीओयू भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत प्राधिकरण के लिए आवेदन पत्र भारतीय रिज़र्व बैंक को 2015 की पहली तिमाही से प्रस्‍तुत कर सकती हैं। प्राधिकरण/अनुमादेन के लिए ऐसे आवेदनों को किस तारीख से भेजा जाए/उसका फॉर्मेट क्‍या होगा आदि की अधिसूचना यथासमय जारी की जाएगी।

पृष्‍ठभूमि

भारत में भुगतान प्रणाली विज़न 2012-15 ने विविधतापूर्ण एवं पेचीदा बिलकर्ता बाज़ार संरचना वाले एक ऐसे बड़े बिल भुगतान बाज़ार के अस्तित्‍व पर प्रकाश डाला है जहां अनेक प्रकार के राष्‍ट्रीय/प्रादेशिक भागीदार एवं निजी/सरकारी संस्‍थाएं विद्यमान हैं। मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा 2012-13 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारत में इलेक्‍ट्रॉनिक गिरो भुगतान प्रणाली को लागू करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने हेतु एक समिति के गठन की घोषणा की थी। देश में इलेक्‍ट्रॉनिक गिरो प्रणाली को लागू करने की संभावनाओं का अध्‍ययन करने के लिए श्री जी. पद्मनाभन, कार्यपालक निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्‍यक्षता में एक समिति गठित की गई। उसके बाद इस समिति की सिफारिशों के अनुसार देश में ग्राहकों द्वारा किए जा रहे बिल भुगतानों, चाहे बिलकर्ता कहीं भी हों, के लिए पैन इंडिया टच पाइंट को मूर्त रूप देने के लिए एक ढांचा तैयार करने के उद्देश्‍य से प्रो. उमेश बेल्‍लूर, आईआईटी, मुंबई की अध्‍यक्षता में एक गिरो परामर्शदाता समूह का गठन किया गया। इस समूह ने 20 मार्च 2014 को प्रस्‍तुत अपनी रिपोर्ट में देश में बिल भुगतान प्रणाली के लिए एक ऐसी बहु स्‍तरीय संरचना की सिफारिश की थी, जिसके अंतर्गत मानक तय करने वाली एक केंद्रीय इकाई है और बीबीपीएस के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करने वाली और उनका पालन करने वाली विभिन्‍न प्रकार की परिचालनकारी इकाइयां हैं। तदनुसार, 07 अगस्‍त 2014 को भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के कार्यान्‍वयन संबंधी दिशानिर्देशों का प्रारूप आम जनता की राय जानने के लिए रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर प्रस्‍तुत की गई। इन दिशानिर्देशों के प्रारूप के संबंध में आम जनता से प्राप्‍त सुझावों के आधार पर भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के कार्यान्‍वयन संबंधी अंतिम दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं।

अजीत प्रसाद
सहायक महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2014-2015/1108

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