12 फरवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, राजस्थान पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 9 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, राजस्थान (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3 लाख (तीन लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उक्त बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया था। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
बैंक निम्नलिखित कार्य करने में विफल रहा:
-
खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा की प्रणाली स्थापित करने में, जहां यह आवधिकता कम से कम छह महीने में एक बार होनी चाहिए थी।
-
निर्धारित आवधिकता के अनुसार अपने ग्राहकों के केवाईसी का आवधिक अद्यतनीकरण करने में।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2098 |