20 जनवरी 2026
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35 ए के अंतर्गत निदेश – दि कोणार्क
अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर - अवधि बढ़ाना
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि कोणार्क अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उल्हासनगर को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए के अंतर्गत दिनांक 23 अप्रैल 2024 के निदेश CO.DOS.SED.No.S592/45-11-001/2024-25 के माध्यम से 23 अक्तूबर 2024 को कारोबार की समाप्ति तक छह माह की अवधि के लिए निदेश जारी किए थे, जिसकी वैधता को पिछली बार दिनांक 17 अक्तूबर 2025 के निदेश DOR.MON/D-37/12.22.805/2025-26 द्वारा 23 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति तक बढ़ा दिया गया था। भारतीय रिज़र्व बैंक इस बात से संतुष्ट है कि जन हित में, उक्त निदेश की परिचालन अवधि को 23 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।
2. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 35ए की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त निदेश को 23 जनवरी 2026 को कारोबार की समाप्ति से 23 अप्रैल 2026 को कारोबार की समाप्ति तक तीन माह की अवधि के लिए बढ़ाता है, जो कि समीक्षाधीन होगा।
3. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उपर्युक्त अवधि बढ़ाने और/या संशोधन का यह अर्थ न लगाया जाए कि भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंक की वित्तीय स्थिति से संतुष्ट है।
4. संदर्भाधीन निदेश के अन्य सभी नियम एवं शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1951 |