बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


मई 04, 2022
एलआईसी आईपीओ के लिए आवेदनों के निस्तारण की सुविधा हेतु एएसबीए नामित शाखाएं 8 मई 2022 (रविवार) को जनता के लिए खुली रहेंगी
बैंक दर में परिवर्तन
आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) का अनुरक्षण
अप्रैल 21, 2022
शहरी सहकारी बैंकों में बोर्ड स्तर पर मानद पदनामों का सृजन
अप्रैल 19, 2022
बैंकों द्वारा चालू खाते और सीसी/ओडी खाते खोलने पर समेकित परिपत्र
अप्रैल 18, 2022
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा - चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर)
अप्रैल 08, 2022
एचटीएम श्रेणी में एसएलआर धारिताएं (होल्डिंग्स) की समीक्षा
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 और 56 – सांविधिक चलनिधि अनुपात का रखरखाव
वैयक्तिक आवास ऋण - जोखिम भार को तर्कसंगत बनाना
अप्रैल 04, 2022
यूएपीए, 1967 की धारा 51-ए का कार्यान्वयन: यूएनएससी की 1267/ 1989 आईएसआईएल (दाएश) और अल-कायदा प्रतिबंध सूची: दो प्रविष्टियों में संशोधन
अप्रैल 01, 2022
आवास वि‍त्त पर मास्टर परि‍पत्र
मास्टर परिपत्र - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंक वित्त
मास्टर परि‍पत्र - गारंटि‍यां और सह-स्वीकृति‍यां
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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