बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


अगस्त 02, 2018
विदेशी मुद्रा देयताओं/ आस्तियों पर सीआरआर/एसएलआर बनाये रखना – आईएनआर/यूएसडी के लिए संदर्भ दर और अन्य प्रमुख मुद्राओं की विनिमय दर
अगस्त 01, 2018
बैंक दर में परिवर्तन
जुलाई 27, 2018
बैंकों द्वारा निवेश पोर्टफोलियो का वर्गीकरण, मूल्य निर्धारण और परिचालन – राज्य विकास ऋण
जुलाई 12, 2018
डिमांड ड्राफ्ट के मुखपृष्ठ पर ग्राहक का नाम शामिल किया जाना
जून 21, 2018
एटीएम नियंत्रण के उपाय – अनुपालन हेतु समय-सीमा
जून 15, 2018
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक
बैंकों के निवेश संविभाग के वर्गीकरण, मूल्य निर्धारण और परिचालन के लिए विवेकपूर्ण मानदंड – एमटीएम हानि का विभाजन (स्प्रेडिंग) और निवेश अस्थिरता रिज़र्व (आईएफ़आर) का सृजन
जून 14, 2018
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में "दि बैंक ऑफ टोकियो – मित्सुबिशी यूएफजे, लि." का नाम परिवर्तन कर "एमयूएफजी बैंक, लि." करना
बैंककारी विनियमन अधिनिमय, 1949 की धारा 23 – शाखा प्राधिकरण नीति - वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलाएं – संशोधित सूची
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