बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


नवंबर 02, 2018
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और आवास वित्त कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले बॉन्ड के लिए आंशिक ऋण संवर्धन
नवंबर 01, 2018
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “कतर नेशनल बैंक एस.ए.क्यू” का नाम परिवर्तन कर "कतर नेशनल बैंक (क्यू.पी.एस.सी.)" करना
अक्टूबर 19, 2018
बैंकों का निरीक्षण– नमूना हस्ताक्षरों के सेट
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), एनबीएफसी और एचएफसी को वितरित किए गए ऋण के प्रति एफएएलएलसीआर
सितंबर 27, 2018
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक
अगस्त 02, 2018
विदेशी मुद्रा देयताओं/ आस्तियों पर सीआरआर/एसएलआर बनाये रखना – आईएनआर/यूएसडी के लिए संदर्भ दर और अन्य प्रमुख मुद्राओं की विनिमय दर
अगस्त 01, 2018
बैंक दर में परिवर्तन
जुलाई 27, 2018
बैंकों द्वारा निवेश पोर्टफोलियो का वर्गीकरण, मूल्य निर्धारण और परिचालन – राज्य विकास ऋण
2018
2017
2016
2015
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