बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


अगस्त 15, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में "नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाईनैन्स बैंक लिमिटेड" को शामिल करना
अगस्त 09, 2019
केवाईसी पर मास्टर निदेश (एमडी) में संशोधन
अगस्त 07, 2019
बैंक दर में परिवर्तन
अगस्त 02, 2019
मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (सरकारी क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड पर निर्वाचित निदेशकों के लिए 'उचित और उपयुक्त' मानदंड) निदेश, 2019
फ्लोटिंग दर वाले मीयादी ऋण पर अवधि-पूर्व चुकौती प्रभार/ अवधि-पूर्व भुगतान दंड लगाना
अगस्त 01, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “दी रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड पी एल सी” का नाम परिवर्तन कर "नेटवेस्ट मार्केट्स पीएलसी" करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक” को हटाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36(क) की उप-धारा (2) के अर्थ के अंतर्गत बैंकिंग कंपनी के रूप में “नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक” की समाप्ति
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड” को शामिल करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “जना स्मॉल फाईनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
जुलाई 05, 2019
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – एनबीएफ़सी और एचएफ़सी को संवितरित ऋण के प्रति चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), एफ़एएलएलसीआर
जुलाई 04, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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