बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


जुलाई 12, 2018
डिमांड ड्राफ्ट के मुखपृष्ठ पर ग्राहक का नाम शामिल किया जाना
जून 21, 2018
एटीएम नियंत्रण के उपाय – अनुपालन हेतु समय-सीमा
जून 15, 2018
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी साधन तथा एलसीआर प्रकटीकरण मानक
बैंकों के निवेश संविभाग के वर्गीकरण, मूल्य निर्धारण और परिचालन के लिए विवेकपूर्ण मानदंड – एमटीएम हानि का विभाजन (स्प्रेडिंग) और निवेश अस्थिरता रिज़र्व (आईएफ़आर) का सृजन
जून 14, 2018
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में "दि बैंक ऑफ टोकियो – मित्सुबिशी यूएफजे, लि." का नाम परिवर्तन कर "एमयूएफजी बैंक, लि." करना
बैंककारी विनियमन अधिनिमय, 1949 की धारा 23 – शाखा प्राधिकरण नीति - वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलाएं – संशोधित सूची
जून 07, 2018
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 – धारा 26क, जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता निधि योजना, 2014 – परिचालनगत दिशानिर्देश – ब्याज की अदायगी
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, 2015
जून 06, 2018
प्राथमिक व्यापारियों के लिए स्थायी चलनिधि सुविधा
बैंक दर में परिवर्तन
एमएसएमई क्षेत्र को औपचारिक बनाने को प्रोत्साहन देना
मई 17, 2018
चलनिधि मानकों पर बासल III संरचना – निवल स्थिर निधीयन अनुपात (एनएसएफ़आर) – अंतिम दिशानिर्देश
आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों (आईबीयू) की स्थापना – अनुमत कार्यकलाप
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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