बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


सितंबर 21, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “सूर्योदय स्मॉल फाइनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
सितंबर 14, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “एमिरेटस एन.बी.डी बैंक (पी.जे.एस.सी)” को शामिल करना
सितंबर 07, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उज्जीवन स्मॉल फाइनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में "नेशनल बैंक ऑफ आबु धाबी पीजेएससी" का नाम परिवर्तन कर "फ़र्स्ट आबु धाबी बैंक पीजेएससी" करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “कतर नेशनल बैंक एस.ए.क्यू” को शामिल करना
अगस्त 03, 2017
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर , स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, और भारतीय महिला बैंक के नाम हटाना
अगस्त 02, 2017
बैंक दर में परिवर्तन
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), चलनिधि जोखिम निगरानी उपाय और एलसीआर प्रकटीकरण मानक
समग्र ऋण सूचना रिपोर्टें जारी करना
जुलाई 27, 2017
सांविधिक केंद्रीय लेखा परीक्षकों (एससीए) की नियुक्ति – विराम अवधि में संशोधन
जुलाई 13, 2017
निदेशक मंडल की लेखा परीक्षा समिति – गैर-कार्यकारी अध्यक्ष को नामित करना
2017
2016
2015
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