बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


दिसंबर 19, 2017
इंफोरमेशन यूटिलिटीज़ को वित्‍तीय सूचनाएं प्रस्‍तुत करना
नवंबर 23, 2017
ऋण का इक्विटी में रूपांतरण - समीक्षा
नवंबर 16, 2017
कोरिया लोकतांत्रिक जनवादी गणराज्य (डीपीआरके) से संबंधित यूएनएससीआर 2356 (2017), यूएनएससीआर 2371 (2017) और यूएनएससीआर 2375 (2017) का कार्यान्वयन
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “उत्कर्ष स्मॉल फाइनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
नवंबर 09, 2017
विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य - दिनांक 4 अक्तूबर 2017 वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बैंकिंग सुविधा
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “एयू स्मॉल फाइनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया” को हटाना
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36(क) की उप-धारा (2) के अर्थ के अंतर्गत बैंकिंग कंपनी के रूप में “कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया” की समाप्ति
नवंबर 02, 2017
बड़े कार्पोरेट उधारकर्ताओं के लिए विधिक इकाई पहचानकर्ता की शुरुआत
अक्टूबर 04, 2017
बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 24 और धारा 56 - सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) बनाए रखना और परिपक्‍वता तक धारित (एचटीएम) श्रेणी के अंतर्गत एसएलआर धारिताएं
सितंबर 25, 2017
मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सेवाएं) निदेश, 2016 में संशोधन
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