बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


अक्टूबर 20, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल किया जाना/से हटाना - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी)
अक्टूबर 16, 2020
वैयक्तिक आवास ऋण: जोखिम भार को तर्कसंगत बनाना
अक्टूबर 12, 2020
विनियामकीय खुदरा पोर्टफोलियो - जोखिम भार के लिए संशोधित सीमा
एचटीएम श्रेणी में एसएलआर धारिता
अक्टूबर 09, 2020
यूएपीए, 1967 की धारा 51-क का कार्यान्वयन – यूएनएससी की 1267/1989 आईएसआईएल (दाएश) और अल - कायदा प्रतिबंध सूची में अद्यतन करना - एक प्रविष्टि जोड़ना
सितंबर 30, 2020
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “सिंडीकेट बैंक” को हटाना और बैंकिंग कंपनी के रूप में समाप्ति
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स” और “यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया” को हटाना और बैंकिंग कंपनी के रूप में समाप्ति
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “आंध्रा बैंक” और “कॉर्पोरेशन बैंक” को हटाना और बैंकिंग कंपनी के रूप में समाप्ति
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “इलाहाबाद बैंक” को हटाना और बैंकिंग कंपनी के रूप में समाप्ति
सितंबर 29, 2020
बासल III पूंजी विनियमावली – अंतरणकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा - निवल स्थिर निधीयन अनुपात (एनएसएफआर)
सितंबर 11, 2020
यूएपीए, 1967 की धारा 51-क का कार्यान्वयन – यूएनएससी की 1267/1989 आईएसआईएल (दाएश) और अल-कायदा प्रतिबंध सूची में अद्यतन करना-11 प्रविष्टियों में संशोधन (10 व्यक्ति एवं एक संस्था और ग्रूप में प्रविष्टि)
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2019
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