बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


जनवरी 11, 2019
पोत-लदान पूर्व तथा पोत-लदान पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना
जनवरी 10, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “एसबीएम बैंक (मॉरीशस) लिमिटेड” को हटाना
बासल III पूंजी विनियमावली – संक्रमणकालीन व्यवस्थाओं का पुनर्विलोकन
जनवरी 09, 2019
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, 2015
जनवरी 01, 2019
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना
दिसंबर 28, 2018
चलनिधि मानकों पर बासल III ढांचा – चलनिधि कवरेज अनुपात (एलसीआर), एनबीएफसी और एचएफसी को वितरित किए गए ऋण के प्रति एफएएलएलसीआर
दिसंबर 27, 2018
सीईआरएसएआई में अचल (साम्यिक बंधक के अतिरिक्त), चल और अमूर्त आस्तियों से संबंधित प्रतिभूति हित फाइल करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “ईएसऐएफ स्मॉल फाईनैन्स बैंक लिमिटेड” को शामिल करना
दिसंबर 06, 2018
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “एसबीएम बैंक (इंडिया) लिमिटेड” को शामिल करना
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में “दोहा बैंक क्यूएससी” का नाम परिवर्तन कर "दोहा बैंक क्यू.पी.एस.सी" करना
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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