बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

अधिसूचनाएं


फरवरी 22, 2019
थोक जमाराशि पर अनुदेशों की समीक्षा
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रति एक्सपोजर के लिए जोखिम भार
फरवरी 07, 2019
बैंक दर में परिवर्तन
‘पंजीकरण प्रमाणपत्र’ प्रदान करना–ऋण सूचना व्यवसाय करने के लिए-सीआरआईएफ़ हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
कृषि हेतु ऋण प्रवाह - संपार्श्विक मुक्त कृषि ऋण
फरवरी 04, 2019
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना : पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए कार्यशील पूंजी
जनवरी 11, 2019
पोत-लदान पूर्व तथा पोत-लदान पश्चात रुपया निर्यात ऋणों के लिए ब्याज समतुल्यीकरण योजना
जनवरी 10, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से “एसबीएम बैंक (मॉरीशस) लिमिटेड” को हटाना
बासल III पूंजी विनियमावली – संक्रमणकालीन व्यवस्थाओं का पुनर्विलोकन
जनवरी 09, 2019
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना, 2015
जनवरी 01, 2019
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र – अग्रिमों की पुनर्रचना
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
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