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विदेशी मुद्रा प्रबंधक

भारतीय रुपए के बाहरी मूल्‍य के निर्धारण के लिए बाज़ार-आधारित प्रणाली में परिवर्तन के साथ विदेशी मुद्रा बाज़ार ने सुधार अवधि की शुरुआत से ही भारत में ज़ोर पकड़ा है।

अधिसूचनाएं


विदेशी मुद्रा प्रबंध (उधार लेना तथा उधार देना) (प्रथम संशोधन) विनियमावली, 2026

भा.रि.बैंक/2025-26/221
ए.पी. (डी.आई.आर. सीरीज़) परिपत्र सं. 22

16 फरवरी 2026

सभी प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी I बैंक,

महोदया/महोदय,

विदेशी मुद्रा प्रबंध (उधार लेना तथा उधार देना) (प्रथम संशोधन) विनियमावली, 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए 03 अक्‍टूबर 2025 को बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) फ्रेमवर्क में परिवर्तन हेतु विदेशी मुद्रा प्रबंध (उधार लेना तथा उधार देना) विनियमावली, 2018 में संशोधन का मसौदा जारी किया था। दिनांक 09 फरवरी 2026 की विदेशी मुद्रा प्रबंध (उधार लेना तथा उधार देना) (प्रथम संशोधन) विनियमावली, 2026 को अब सरकारी राजपत्र में दिनांक 16 फरवरी 2026 प्रकाशित किया जा चुका हैं। प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I बैंकों को निदेश दिया जाता है कि वे उधार लेना तथा उधार देना संबंधित लेनदेन को सुविधाजनक बनाते समय संशोधित विनियम द्वारा निदेशित हो।

2. मास्टर निदेश – बाह्य वाणिज्यिक उधार, व्यापार ऋण और संरचित बाध्यताएं में निहित ईसीबी से संबंधित प्रावधानों और भारत में निवासी व्यक्तियों द्वारा भारतीय रुपये (आईएनआर) में उधार लेने से संबंधित मास्टर निदेश – भारत में निवासी व्यक्तियों और अनिवासी भारतीयों / भारतीय मूल के व्यक्तियों के बीच भारतीय रुपए में उधार लेने और देने संबंधी लेनदेन के कुछ संबंधित प्रावधानों की भी समीक्षा की गई है और विनियमावली में समेकित किया गया है।

3. उपरोक्त के दृष्टिकोण में, उक्त मास्टर निदेशों और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) में निम्नलिखित संशोधन किए जा रहे हैं:

(क) मास्टर निदेश – बाह्य वाणिज्यिक उधार, व्यापार ऋण और संरचित बाध्यताएं के पैरा 1 से 12 को हटाया जाएगा;

(ख) मास्टर निदेश – भारत में निवासी व्यक्तियों और अनिवासी भारतीयों / भारतीय मूल के व्यक्तियों के बीच भारतीय रुपए में उधार लेने और देने संबंधी लेनदेन के पैरा 2 को हटाया जाएगा;

(ग) बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) और व्यापार ऋण संबंधी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न का भाग I हटा जाएगा।

4. प्राधिकृत व्यापारी बैंक इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने ग्राहकों/संबंधित घटकों को अवगत कराएँ।

5. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा), 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4), 11(1) और 11(2) के अंतर्गत जारी किए गए हैं और ये किसी अन्य विधि/ कानून के अंतर्गत अपेक्षित अनुमति/ अनुमोदन, यदि कोई हों, पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालते हैं।

भवदीय,

(डॉ. आदित्य गेहा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक

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