भुगतान और निपटान प्रणाली

अर्थव्‍यवस्‍था की समग्र दक्षता में सुधार करने में भुगतान और निपटान प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अंतर्गत राशि-मुद्रा, चेकों जैसी कागज़ी लिखतों के सुव्‍यवस्थित अंतरण और विभिन्‍न इलेक्‍ट्रॉनिक माध्‍यमों के लिए विभिन्‍न प्रकार की व्‍यवस्‍थाएं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


यूपीआई-पेनाउ लिंकेज

1. यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से भारत और सिंगापुर के बीच प्रेषण लेनदेन कौन कर सकता है?

भारत और सिंगापुर में प्रतिभागी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के खाताधारक यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से सीमा पार प्रेषण लेनदेन कर सकते हैं।

2. यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से प्रेषण प्राप्त करने के लिए भारत में कौन से भाग लेने वाले बैंक हैं?

वर्तमान में, यूपीआई-पे नउ लिंकेज के माध्यम से प्रेषण प्राप्त करने के लिए भारत में भाग लेने वाले बैंक हैं:

  • एक्सिस बैंक

  • डीबीएस बैंक इंडिया

  • आईसीआईसीआई बैंक

  • इंडियन बैंक

  • इंडियन ओवरसीज बैंक

  • भारतीय स्टेट बैंक

3. वर्तमान में भारत में कौन से बैंक यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से प्रेषण भेजने में सक्षम हैं?

वर्तमान में यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से प्रेषण हेतु भारत में निम्नलिखित बैंक सक्षम हैं:

  • आईसीआईसीआई बैंक

  • इंडियन बैंक

  • इंडियन ओवरसीज बैंक

  • भारतीय स्टेट बैंक

4. यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से भारत से सिंगापुर को धन प्राप्त करने और भेजने के लिए कौन से ऐप/प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है?

प्रेषण प्राप्त करने और भेजने के लिए भारत के बैंकों, उनके यूपीआई हैंडल और के लिए प्लेटफॉर्म निम्नानुसार सारणीबद्ध हैं:

प्रेषण प्राप्त करना प्रेषण भेजना
बैंक सक्षम किए गए यूपीआई हैंडल फीचरिंग ऐप बैंक एप्स/इंटरनेट बैंकिंग
एक्सिस बैंक @axisbank एक्सिस पे आईसीआईसीआई बैंक इंटरनेट बैंकिंग
डीबीएस बैंक इंडिया @dbs डीबीएस डिजीबैंक इंडियन बैंक मोबाइल ऐप (इंडओएसिस)
आईसीआईसीआई बैंक @icici आईसीआईसी आईमोबाइल इंडियन ओवरसीज बैंक इंटरनेट बैंकिंग
इंडियन बैंक @indianbank इंडओएसिस
इंडियन ओवरसीज बैंक @iob भीम आईओबी पे भारतीय स्टेट बैंक मोबाइल एप (भीम एसबीआई पे)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया @sbi भीम एसबीआई पे

5. प्रेषण भेजने और प्राप्त करने के लिए सिंगापुर में भाग लेने वाली संस्थाएं और उनका वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) कौन हैं?

यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के लिए सक्षम सिंगापुर की संस्थाएं और उनके वीपीए इस प्रकार हैं:

बैंक / गैर-बैंक सक्षम किए गए वीपीए हैंडल
डीबीएस बैंक सिंगापुर पंजीकृत मोबाइल नंबर
लिक्विड ग्रुप (गैर-बैंक वित्तीय संस्थान) पंजीकृत मोबाइल नंबर जिसके बाद एक्सएनएपी है
(उदा., 123456789 एक्सएनएपी)

6. क्या मैं भारत में किसी भी सहभागी बैंक के अपने खाते में प्रेषण प्राप्त कर सकता हूँ, भले ही मेरी यूपीआई आईडी उसी बैंक में पंजीकृत न हो?

जिस बैंक में उपभोक्ता का खाता है वर्तमान में, उसी बैंक में पंजीकृत यूपीआई आईडी का उपयोग किया जा सकता है।

7. क्या यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से सीमा पार प्रेषण लेनदेन करने के लिए कोई लेनदेन सीमा है?

लिंकेज के माध्यम से सीमा पार प्रेषण लेनदेन करने के लिए एक दिन में 60,000 की दैनिक लेनदेन सीमा है (लगभग 1,000 एसजीडी के बराबर)।

8. किन उद्देश्यों के लिए प्रेषण दोनों ओर से भेजे या प्राप्त किए जा सकते हैं?

वर्तमान में, "विदेश में रिश्तेदारों के रखरखाव" और "उपहार" के प्रयोजनों के लिए केवल व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) प्रेषण की अनुमति है।

9. क्या लिंकेज के माध्यम से आवक लेनदेन प्राप्त करने के लिए सहमति का प्रावधान है?

हां, सिंगापुर से विप्रेषण प्राप्त करने के लिए भारत में भाग लेने वाले बैंकों के ऐप्स में ऑप्ट इन/ऑप्ट आउट सुविधा है।

10. इस लिंकेज का उपयोग करके लेनदेन करने में कितना समय लगेगा?

यूपीआई-पेनाउ लिंकेज के माध्यम से लेन-देन उसी तरह आसानी से किया जा सकता है जैसे यूपीआई या पेनाउ के माध्यम से घरेलू लेनदेन किया जाता है, और लेनदेन एक मिनट के भीतर पूरा किया जा सकता है।

11. भारत से विप्रेषण भेजते समय उदारीकृत विप्रेषण योजना (एलआरएस) के अंतर्गत सीमाएं इस लिंकेज पर कैसे लागू होंगी?

यूपीआई-पेनाउ लिंकेज लेनदेन में, उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत "विदेश में रिश्तेदारों का भरण-पोषण" और "उपहार" के उद्देश्य से केवल व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) प्रेषण की अनुमति है, और निर्धारित एलआरएस सीमा लागू होगी।

12. क्या यूपीआई-पेनाउ लिंकेज अन्य भारतीय बैंकों/वित्तीय संस्थानों को शामिल करेगा?

हां, आगे चलकर, यूपीआई-पेनाउ लिंकेज से भारत में और अधिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को शामिल करने की उम्मीद की जा सकती है।

13. मैं कब से अपने यूपीआई एप के माध्यम से यूपीआई-पेनाउ लिंकेज का उपयोग करते वित्तीय लेनदेन कर सकता हूँ?

भाग लेने वाले बैंक चरणबद्ध तरीके से अपने संबंधित यूपीआई ऐप में एक अपडेट जारी करेंगे और ग्राहकों को अपने यूपीआई ऐप को अपडेट करना होगा ताकि वैश्विक प्रेषण सुविधा को उनके एप में सक्षम किया जा सके।

ये अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन उद्देश्यों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं। उसके आधार पर की गई कार्रवाई और/या लिए गए निर्णयों के लिए रिज़र्व बैंक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।

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