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भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीमापार विलय के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के तहत नए विनियम प्रस्तावित किएः स्टेकधारकों से अभिमत आमंत्रित

26 अप्रैल 2017

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीमापार विलय के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के तहत नए
विनियम प्रस्तावित किएः स्टेकधारकों से अभिमत आमंत्रित

रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर प्रारूप दिशानिर्देश उपलब्ध कराए हैं जिन्हें कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा कंपनी (समझौते, व्यवस्था और समामेलन) संशोधन नियम, 2017 के माध्यम से 13 अप्रैल 2017 को अधिसूचित किए गए नियमों के अनुसरण में सीमापार विलय लेनदेनों पर जारी किया जाना प्रस्तावित है।

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 234 में भारतीय कंपनियों और विदेशी कंपनियों के बीच विलय और आमेलन का प्रावधान है। तदनुसार, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने इस धारा को परिचालनरत करने के लिए 13 अप्रैल 2017 को कंपनी (समझौते, व्यवस्था और समामेलन) संशोधन नियम, 2017 जारी किए हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक ये विनियम विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 के अंतर्गत प्रस्तावित किए हैं जिससे कि उन मुद्दों का समाधान हो सके जो एक भारतीय कंपनी और विदेशी कंपनी के विलय, अलग होने, समामेलन या पुनर्विन्यास होने पर उत्पन्न होते हैं। इन विनियमों में वे शर्तें निर्धारित की गई हैं जिनका पालन इस योजना में शामिल कंपनियों द्वारा किया जाना चाहिए। इन विनियमों को विदेशी मुद्रा प्रबंध (सीमापार विलय) विनियम का नाम दिया जाएगा।

आम जनता जिसमें उस क्षेत्र के स्टेकधारक और विशेषज्ञ शामिल हैं, से अनुरोध है कि वे इन प्रस्तावित विनियमों पर अपने विचार और अभिमत प्रदान करें। अभिमत “सीमापार विलय-अभिमत/सुझाव” विषय के साथ 9 मई 2017 तक ई-मेल से भेजे जा सकते हैं।

अजीत प्रसाद
सहायक परामर्शदाता

प्रेस प्रकाशनी : 2016-2017/2909


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