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भारतीय रिज़र्व बैंक ने कार्ड स्वीकार करने संबंधी बुनियादी सुविधा पर अवधारणा पेपर पर फीडबैक मांगे

8 मार्च 2016

भारतीय रिज़र्व बैंक ने कार्ड स्वीकार करने संबंधी बुनियादी सुविधा पर अवधारणा पेपर पर फीडबैक मांगे

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर कार्ड स्वीकार करने संबंधी बुनियादी सुविधा पर अवधारणा पेपर उपलब्ध कराया है। इस पर अपनी टिप्पणियां ईमेल के माध्यम से या डाक द्वारा मुख्य महाप्रबंधक, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, 14वीं मंजिल, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई – 400001 को 15 अप्रैल 2016 को या इससे पहले भेज सकते हैं।

पृष्ठभूमि

हाल के वर्षों में भुगतान प्रणालियों के लिए रिज़र्व बैंक का अतिमहत्वपूर्ण विज़न इलेक्ट्रॉनिक भुगतानों को प्रोत्साहन देना और “कम नकदी” समाज में अंतरित होना रहा है। रिज़र्व बैंक का नीतिगत ध्यानकेंद्रण इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवाओं में वृद्धि को सुगम बनाना और ऐसे लेनदेनों के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित करना रहा है। सरकार की हाल की घोषणाएं नकदी भुगतान से अंतरित होने की आवश्यकता में सहयोग और बल प्रदान करती हैं तथा कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतानों को बढ़ावा देती हैं।

बढ़ते हुए ग्राहक विश्वास और सभी स्टेकधारकों के संयुक्त प्रयासों से खुदरा इलेक्ट्रॉनिक भुगतानों में एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति देखी गई है। तथापि, एक चिंता की बात है कि बुनियादी सुविधा क्षेत्र, विशेषकर जो वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा प्रदान करते हैं, में सभी भौगोलिक स्थलों में प्रयोक्ताओं के सभी वर्गों की आवश्यकताओं के साथ नहीं बढ़ा गया है। कुछ वर्ष पहले मर्चन्ट कटौती दर (एमडीआर) के युक्तिकरण के रूप में विनियामकीय हस्तक्षेप का भी वांछित उत्प्रेरक प्रभाव नहीं पड़ा है। मर्चन्ट स्थलों पर कार्ड स्वीकार करने संबंधी बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि धीमी गति से हुई है।

कार्ड भुगतान मूल्य श्रृंखला में शामिल सभी स्टेकधारकों की ज्यादा और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने में कार्ड भुगतानों की “इकोनोमिक्स” महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और एक व्यवस्थित तरीके से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए किसी भी कार्यनीति से इन मुद्दों का समाधान भी किया जाना है। इसलिए उन सभी संगत मुद्दों की संपूर्ण तरीके से जांच करने की आवश्यकता है जो कार्ड भुगतानों की स्वीकृति और इनके लिए बुनियादी सुविधा शुरू करने के रास्ते में आते हैं जिससे कि कार्ड स्वीकृति में निरंतर और त्वरित वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

यह अवधारणा पेपर स्टेकधारकों के साथ हुई विभिन्न चर्चाओं के दौरान प्राप्त किए गए इनपुटों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह पेपर कार्ड स्वीकार करने संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और एमडीआर के युक्तिकरण दोनों मुद्दों के समाधान के लिए कार्यनीतिक विकल्प प्रस्तुत करता है।

इसके लिए रिज़र्व बैंक ने कार्ड स्वीकार करने करने के लिए बुनियादी सुविधा संबंधी अवधारणा पेपर पर राय और सुझाव आमंत्रित किए हैं। विशिष्ट और कार्रवाई योग्य फीडबैक को काफी महत्व दिया जाएगा।

संगीता दास
निदेशक

प्रेस प्रकाशनी : 2015-2016/2110


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