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भारतीय रिज़र्व बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी क्षेत्र में मुद्दों और चिंताओं पर उषा थोरात समिति की रिपोर्ट पर आधारित प्रारूप दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर डाला

12 दिसंबर 2012

भारतीय रिज़र्व बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी क्षेत्र में मुद्दों और चिंताओं पर
उषा थोरात समिति की रिपोर्ट पर आधारित प्रारूप दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर डाला

एक परामर्शी दृष्टिकोण अंगीकार करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में मुद्दों और चिंताओं के समाधान के लिए प्रारूप दिशानिर्देश जारी किया। ये प्रारूप दिशानिर्देश श्रीमती उषा थोरात, पूर्व उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक की अध्‍यक्षता में मुद्दों और चिंताओं पर कार्यदल द्वारा की गई अनुशंसाओं पर आधारित है। इस कार्यदल की रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर अगस्‍त 2011 में डाली गई थी।

यह स्‍मरण होगा कि कार्यदल का गठन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के विद्यमान विनियामक और पर्यवेक्षी ढांचे की समीक्षा के लिए किया गया था। इस कार्यदल का उद्देश्‍य विनियामक अधिनिर्णय और प्रणालीगत जोखिम से संबंधित मुद्दों का समाधान करना था ताकि एक मजबूत और अनुकूल गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र का सृजन किया जा सके।

संशोधित प्रारूप दिशानिर्देश गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए प्रवेश बिंदु मानदण्‍ड, प्रधान कारोबारी मानदण्‍ड, विवेकपूर्ण विनियमन, चलनिधि अपेक्षाओं तथा कंपनी अभिशासन से संबंधित हैं। कुछ सुझावों को स्‍वीकार करते हुए बैंक की यह सोच थी कि इनके कार्यान्‍वयन से इस क्षेत्र में कोई बाधा नहीं उत्‍पन्‍न हो। अत: नए विनियामक ढांचे को अस्तित्‍व में लाने के लिए पर्याप्‍त अंतरण समय का प्रस्‍ताव किया गया है।

इस प्रारूप दिशानिर्देश पर अभिमत / सुझाव अधिक-से-अधिक 10 जनवरी 2013 तक प्रभारी मुख्‍य महाप्रबंधक, गैर-बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, विश्‍व व्‍यापार केंद्र, कफ परेड, मुंबई-400005 को भेजे जा सकते हैं अथवा ई-मेल किए जा सकते हैं।

अजीत प्रसाद
सहायक महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2012-2013/987


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