20 मार्च 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि हाँगकाँग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 18 मार्च 2026 के आदेश द्वारा, दि हाँगकाँग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘बैंकों में निष्क्रिय खाते/अदावी जमा - संशोधित अनुदेश’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹31.80 लाख (इकतीस लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया था। आरबीआई निदेशों के प्रावधानों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे पूछा गया कि आरबीआई के उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
बैंक ने (i) अपनी वेबसाइट पर अदावी जमा खोजने हेतु डेटाबेस उपलब्ध नहीं कराया और (ii) "जमाकर्ता शिक्षण और जागरूकता" (डीईए) निधि में स्थानांतरित किए गए कतिपय अदावी जमा के लिए अदावी जमा संदर्भ संख्या (यूडीआरएन) का सृजन और आवंटन नहीं किया।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2296 |