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आरबीआई ने “भारतीय रिज़र्व बैंक (संबंधित पक्षों को उधार) निदेश, 2025” के मसौदे पर टिप्पणियां आमंत्रित की

3 अक्तूबर 2025

आरबीआई ने “भारतीय रिज़र्व बैंक (संबंधित पक्षों को उधार) निदेश, 2025” के मसौदे पर टिप्पणियां आमंत्रित की

दिनांक 8 दिसंबर 2023 के विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसरण में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने आज विभिन्न विनियमित संस्थाओं (आरई) द्वारा संबंधित पक्षों को उधार देने संबंधी निम्नलिखित विनियामक ढांचा के मसौदे जारी किए हैं, जिन पर जन सामान्य से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं:

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - संबंधित पक्षों को उधार देना) निदेश, 2025

  2. भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक- संबंधित पक्षों को उधार देना) निदेश, 2025

  3. भारतीय रिज़र्व बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक- संबंधित पक्षों को उधार देना) निदेश, 2025

  4. भारतीय रिज़र्व बैंक (स्थानीय क्षेत्र के बैंक- संबंधित पक्षों को उधार देना) निदेश, 2025

  5. भारतीय रिज़र्व बैंक (शहरी सहकारी बैंक- संबंधित पक्षों को उधार देना) निदेश, 2025

  6. भारतीय रिज़र्व बैंक (ग्रामीण सहकारी बैंक – संबंधित पक्षों को ऋण देना) निदेश, 2025

  7. भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – संबंधित पक्षों को ऋण देना) निदेश, 2025

  8. भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान - संबंधित पक्षों को ऋण) निदेश, 2025

निदेशों का मसौदा एक सुसंगत, सिद्धांत-आधारित ढाँचा प्रदान करते हैं जिसे विनियमित संस्थाओं द्वारा अन्य बातों के साथ-साथ संबंधित पक्षों को उधार देने के लिए अपनाया जाएगा और मौजूदा प्रावधानों को उचित रूप से युक्तिसंगत बनाया जाएगा। प्रस्तावित ढाँचे के प्रमुख प्रावधान निम्नानुसार हैं:

  1. पैमाना- आधारित तथ्यात्मक आरंभिक सीमा का शुभारंभ, जिससे अधिक किसी विनियमित संस्था के संबंधित पक्षों को उधार देने के लिए बोर्ड या उसकी समिति के अनुमोदन की आवश्यकता होगी।

  2. इन निदेशों के प्रयोजनार्थ किसी विनियमित संस्था के 'संबंधित व्यक्तियों' के दायरे से अन्य बैंकों के स्वतंत्र निदेशकों को बाहर रखा जाएगा।

  3. कुछ प्रकार के ऋणों के लिए बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 20 (1) (बी) से सिद्धांत-आधारित छूट।

  4. संबंधित पक्षों के साथ लेनदेन पर विनियमित संस्थाओं द्वारा उपयुक्त पर्यवेक्षी रिपोर्टिंग और प्रकटीकरण आवश्यकताएं।

निदेशों के मसौदे पर जन सामान्य / हितधारकों से 31 अक्तूबर 2025 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित हैं। टिप्पणियाँ/ प्रतिक्रिया, रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध 'कनेक्ट2रेगुलेट' खंड के अंतर्गत दिए गए लिंक के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती हैं। वैकल्पिक रूप से, टिप्पणियाँ, मुख्य महाप्रबंधक, ऋण जोखिम समूह, विनियमन विभाग, केंद्रीय कार्यालय, भारतीय रिज़र्व बैंक, 12वीं/13वीं मंजिल, शहीद भगत सिंह मार्ग, फोर्ट, मुंबई - 400 001 को या ईमेल पर भेजी जा सकती हैं।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1249


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