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भारतीय रिज़र्व बैंक ने 16वें सांख्यिकी दिवस सम्मेलन में अनिश्चित समय के दौरान सांख्यिकीय संकलन और प्रतिरूपण की चुनौतियों पर चर्चा की

29 जून 2022

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 16वें सांख्यिकी दिवस सम्मेलन में अनिश्चित समय के दौरान
सांख्यिकीय संकलन और प्रतिरूपण की चुनौतियों पर चर्चा की

आज, रिज़र्व बैंक ने (स्वर्गीय) प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर भारत में आर्थिक आयोजना और सांख्यिकीय विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में 29 जून को भारत सरकार द्वारा नामोद्दिष्ट 'सांख्यिकी दिवस' पर अपना 16वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया।

अपने उद्घाटन भाषण में, श्री शक्तिकांत दास, गवर्नर ने कोविड-19 महामारी के दौरान सांख्यिकी क्षेत्र के समक्ष आने वाली अनूठी चुनौतियों और पेशेवर सांख्यिकीविदों की अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला। रिज़र्व बैंक सूचना को एक 'सार्वजनिक हित' के रूप में मानता है और विभिन्न हितधारकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुसार अपनी सूचना प्रबंध प्रणाली को कैलिब्रेट करते रहने की परिकल्पना करता है। नीतिगत निविष्टियों और निर्णयन की नई और बढ़ती मांगों के लिए सांख्यिकी और सांख्यिकीय विधियों की बेहतर गुणवत्ता की आवश्यकता है।

प्रो. टी. कृष्ण कुमार, प्रख्यात अर्थशास्त्री ने पी.सी. महालनोबिस स्मृति व्याख्यान दिया, जिसका शीर्षक "ऑपरेशन्स रिसर्च अप्रोच टू इकोनॉमिक पॉलिसी: ए लिगेसी लेफ्ट बिहाइंड बाय प्रो. पी.सी. महालनोबिस एंड द इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट" था।

प्रोफेसर (सर) डेविड स्पीगेलहाल्टर, विंटन सेंटर फॉर रिस्क एंड एविडेंस कम्युनिकेशन, सेंटर फॉर मैथमैटिकल साइंसेज, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष ने मुख्य भाषण दिया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने सूत्र मॉडल के माध्यम से कोविड-19 प्रक्षेपवक्र को ट्रेक करने पर एक विशेष व्याख्यान दिया। 'रिज़र्व बैंक की नीति निर्माण और इसके आगे की राह के लिए सांख्यिकीय इनपुट' पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। सम्मेलन का समापन सांख्यिकी के संचार पर डॉ. ओ. पी. मल्ल, कार्यपालक निदेशक के संबोधन के साथ हुआ।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

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