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मार्च 2021 को समाप्त तिमाही में भारत का बाह्य ऋण

30 जून 2021

मार्च 2021 को समाप्त तिमाही में भारत का बाह्य ऋण

मार्च 2021 के अंत में बाह्य ऋण संबंधी स्टॉक तथा पहले की तिमाहियों के संशोधित आंकड़े विवरण I (पुराना फार्मेट) और II (आईएमएफ फार्मेट)1 में दिए गए हैं। मार्च 2021 के अंत में भारत के बाह्य ऋण से संबंधित प्रमुख गतिविधियां नीचे प्रस्तुत हैं।

मुख्य-मुख्य बातें

  • मार्च 2021 के अंत में, भारत का बाह्य ऋण 570.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जिसने मार्च 2020 के अंत के इसके स्तर पर 11.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि दर्ज की है (सारणी 1)।

  • जीडीपी की तुलना में बाह्य ऋण का अनुपात एमएसआरसीएच 2021 के अंत में 21.1 प्रतिशत तक बढ़ा जोकि मार्च 2020 के अंत में 20.6 प्रतिशत था।

  • प्रमुख मुद्राओं जैसे यूरो, एसडीआर2 और पाउंड स्टरलिंग और भारतीय रुपया की तुलना में अमेरिकी डॉलर की मूल्यह्रास के कारण मूल्यनिर्धारण हानि 6.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। मूल्यनिर्धारण प्रभाव को छोड़कर, बाह्य ऋण में वृद्धि मार्च 2020 के अंत की तुलना में मार्च 2021 के अंत में 11.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बजाय 4.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही होती।

  • वाणिज्यक उधार बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक बना रहा जिसकी हिस्सेदारी 37.4 प्रतिशत रही, इसके बाद अनिवासी जमाराशियां (24.9 प्रतिशत) और अल्पकालिक व्यापारिक ऋण (17.1 प्रतिशत) रहा।

  • मार्च 2021 के अंत में, दीर्घकालिक ऋण (एक वर्ष से अधिक की मूल परिपक्वता के साथ) 468.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें मार्च 2020 के इसके स्तर से 17.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई।

  • कुल बाह्य ऋण में अल्पकालिक ऋण (एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता के साथ) की हिस्सेदारी मार्च 2020 के अंत में 19.1 प्रतिशत से घटकर मार्च 2021 के अंत में 17.7 प्रतिशत हो गई; विदेशी मुद्रा भंडारों की तुलना में अल्पकालिक ऋण (मूल परिपक्वता) का अनुपात मार्च 2021 के अंत में घटकर 17.5 प्रतिशत हो गया (मार्च 2020 के अंत में 22.4 प्रतिशत)।

  • अवशिष्ट परिपक्वता आधार पर अल्पकालिक ऋण (अर्थात ऋण देयताएं जिसमें दीर्घकालिक ऋण शामिल है जिनकी मूल परिपक्वता अगले बारह महीनों में देय हो रही है तथा मूल परिपक्वता वाले अल्पकालिक ऋण शामिल है) मार्च 2021 के अंत में कुल बाह्य ऋण में 44.6 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही (मार्च 2020 के अंत में 42.4 प्रतिशत) तथा यह विदेशी मुद्रा भंडार के 44.1 प्रतिशत (मार्च 2020 के अंत में 49.6 प्रतिशत) रहा। (सारणी 2)

  • अमेरिकी डॉलर मूल्यवर्गांकित ऋण भारत के बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक बना रहा, जिसकी हिस्सेदारी मार्च 2021 के अंत में 52.1 प्रतिशत थी, जिसके बाद भारतीय रुपया (33.3 प्रतिशत), येन (5.8 प्रतिशत) एसडीआर (4.4 प्रतिशत) और यूरो (3.5 प्रतिशत) रहें।

  • उधारकर्ता-वार वर्गीकरण दर्शाता है कि मार्च 2021 के अंत में सरकारी और गैर- सरकारी दोनों क्षेत्रों का बकाया ऋण बढ़ गया (सारणी 3)।

  • कुल बाह्य ऋण में गैर-वित्तीय निगमों के बकाया ऋण का हिस्सा सबसे अधिक 40.4 प्रतिशत था, इसके पश्चात जमा-स्वीकार करने वाले निगम (केंद्रीय बैंक को छोड़कर) (28.2 प्रतिशत), सामान्य सरकार (18.8 प्रतिशत) और अन्य वित्तीय निगम (8.1 प्रतिशत) थे।

  • लिखत-वार वर्गीकरण से पता चलता है कि बाह्य ऋण का सबसे बड़ा घटक, ऋण था, जिसमें इसकी 34.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, इसके पश्चात मुद्रा और जमा (25.2 प्रतिशत), व्यापार ऋण और अग्रिम (17.6 प्रतिशत) और ऋण प्रतिभूतियां (17.0 प्रतिशत) थीं। (सारणी 4).

  • ऋण सेवा (ब्याज भुगतान सहित मूल चुकौती) मार्च 2020 के अंत के 6.5 प्रतिशत की तुलना में मार्च 2021 के अंत में बढकर चालू प्राप्तियों के 8.2 प्रतिशत हो गई, जो चालू प्राप्तियों को कम और उच्चतर चुकौती दर्शाती है (सारणी 5)।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी : 2021-2022/455


सारणी 1: बाह्य ऋण – बकाया और घटबढ़
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
घटक मार्च के अंत में बकाया पूर्ण घटबढ़ प्रतिशत घटबढ़
2019 सं. 2020 आं.सं. 2021 अ मार्च 2019 की तुलना में मार्च 2020 मार्च 2020 की तुलना में मार्च 2021 मार्च 2019 की तुलना में मार्च 2020 मार्च 2020 की तुलना में मार्च 2021
1 2 3 4 5 6 7 8
1. बहुपक्षीय 57.4 59.9 69.7 2.5 9.7 4.4 16.3
2. द्विपक्षीय 26.6 28.1 31.0 1.4 2.9 5.4 10.4
3. आईएमएफ 5.5 5.4 5.6 -0.1 0.2 -1.7 3.8
4. व्यापार क्रेडिट 7.7 7.0 6.5 -0.8 -0.5 -9.7 -6.8
5. वाणिज्यिक उधार 205.8 219.5 213.2 13.7 -6.3 6.7 -2.9
6. एनआरआई जमाराशियां 130.4 130.6 141.9 0.2 11.3 0.1 8.7
7. रुपया ऋण 1.2 1.0 1.0 -0.1 0.0 -11.7 -4.6
8. लघुकालिक ऋण 108.4 106.9 101.1 -1.5 -5.8 -1.4 -5.4
    जिसमें से              
    लघुकालिक व्यापार क्रेडिट 102.4 101.4 97.3 -1.0 -4.1 -1.0 -4.1
कुल ऋण 543.1 558.4 570.0 15.3 11.5 2.8 2.1
मेमो मदें:              
क. दीर्घावधि ऋण (मूल परिपक्वता)@ 434.7 451.6 468.9 16.8 17.3 3.9 3.8
ख. लघुकालिक ऋण (मूल परिपक्वता)# 108.4 106.9 101.1 -1.5 -5.8 -1.4 -5.4
सं: संशोधित आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम
@: एक वर्ष से अधिक की मूल परिपक्वता वाला ऋण।
#: एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता वाला ऋण

सारणी 2: मार्च 2021 के अंत में बाह्य ऋण बकाया की अवशिष्ट परिपक्वता
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
क्षेत्र एक वर्ष तक की लघु अवधि 1 से 2 वर्ष 2 से 3 वर्ष 3 से अधिक वर्ष कुल
(2 से 5)
1 2 3 4 5 6
I. सामान्य सरकार 6.3 7.8 8.3 84.9 107.2
   I.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 0.3       0.3
   I.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 6.0 7.8 8.3 84.9 107.0
II. केन्द्रीय बैंक 0.2 0.0 0.0 0.0 0.2
   II.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 0.2       0.2
   II.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 0.0 0.0 0.0 0.0 0.0
III. केन्द्रीय बैंक को छोड़कर जमा-राशि स्वीकार करने वाला निगम 108.2 19.9 9.8 22.9 160.7
   III.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 1.7       1.7
   III.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 106.5 19.9 9.8 22.9 159.1
IV. अन्य क्षेत्र 134.0 27.1 30.9 84.6 276.6
   IV.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 99.0       99.0
   IV.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 35.0 27.1 30.9 84.6 177.6
       IV.1. अन्य वित्तीय निगम 6.0 9.4 10.8 20.2 46.4
         IV.1.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 1.7       1.7
         IV.1.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 4.3 9.4 10.8 20.2 44.7
       IV.2. गैर-वित्तीय निगम 127.9 17.6 20.1 64.4 230.1
         IV.2.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 97.3       97.3
         IV.2.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 30.7 17.6 20.1 64.4 132.9
       IV.3. परिवारों और गैर-लाभकारी संस्थाओं में सेवारत परिवार (एनपीआईएसएचएस) 0.0 0.0 0.0 0.0 0.0
         IV.3.क. लघु-कालिक (मूल परिपक्वता) 0.0       0.0
         IV.3.ख. दीर्घ-कालिक (मूल परिपक्वता) 0.0 0.0 0.0 0.0 0.0
V. प्रत्यक्ष निवेश: अंतर कंपनी ऋण 5.6 2.8 3.2 13.5 25.3
क. कुल लघु-कालिक ऋण (मूल परिपक्वता) 101.1       101.1
ख. कुल दीर्घ-कालिक ऋण (मूल परिपक्वता) 153.2 57.6 52.2 205.9 468.9
C. कुल बाह्य ऋण (क+ख) 254.3 57.6 52.2 205.9 570.0
मेमो मदें:          
कुल बाह्य ऋण के प्रतिशत के रूप में लघुकालिक ऋण (अवशिष्ट परिपक्वता) 44.6
आरक्षित निधियों के प्रतिशत के रूप में लघुकालिक ऋण (अवशिष्ट परिपक्वता) 44.1

सारणी 3: सरकारी और गैर-सरकारी बाह्य ऋण
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
घटक मार्च समाप्ति
2018 2019 सं. 2020 आं.सं. 2021 अ
1 2 3 4 5
क. सरकारी ऋण(I+II) 111.9 103.8 100.9 107.2
    (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) (4.3) (3.8) (3.7) (4.0)
    I. बाह्य सहायता के अंतर्गत सरकारी लेखा पर बाह्य ऋण 68.6 68.8 72.7 84.5
    II. अन्य सरकारी बाह्य ऋण @ 43.4 35.0 28.1 22.7
ख. गैर-सरकारी ऋण 417.3 439.3 457.6 462.8
    (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) (15.9) (16.1) (16.9) (17.1)
    ख.1. केंद्रीय बैंक 0.3 0.2 0.2 0.2
    ख.2. केन्द्रीय बैंक को छोड़कर जमा-राशि स्वीकार करने वाला निगम 154.6 164.3 158.2 160.7
    ख.3. अन्य वित्तीय निगम 26.4 31.2 40.9 46.4
    ख.4. गैर-वित्तीय निगम 220.4 226.4 235.4 230.1
    ख.5. परिवारों और गैर-लाभकारी संस्थाओं में सेवारत परिवार (एनपीआईएसएचएस) 0.0 0.0 0.0 0.0
    ख.6. प्रत्यक्ष निवेश: अंतर कंपनी ऋण 15.7 17.1 22.8 25.3
C. कुल बाह्य ऋण(क+ख) 529.3 543.1 558.4 570.0
    (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) (20.1) (19.9) (20.6) (21.1)
सं: संशोधित। आं.सं.: आंशिक संशोधित। अ: अनंतिम।
@: अन्य सरकारी बाह्य ऋण में रक्षा ऋण, एफपीआई, विदेशी केंद्रीय बैंकों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और आईएमएफ द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश शामिल है।

सारणी 4: लिखतों द्वारा बकाया बाह्य ऋण
(बिलियन अमेरिकी डॉलर)
लिखत मार्च समाप्ति
2018 2019 आं.सं. 2020 आं.सं. 2021 अ
1 2 3 4 5
1. विशेष आहरण अधिकार (आबंटन) 5.8 5.5 5.4 5.5
2. मुद्रा और जमा 127.6 134.4 134.1 134.6
3. ऋण प्रतिभूति 98.3 91.9 97.5 90.5
4. ऋण 178.7 189.0 194.2 196.6
5. व्यापार क्रेडिट और अग्रिम 103.2 105.2 104.3 104.0
6. अन्य ऋण देयताएँ 0.0 0.0 0.0 0.0
7. प्रत्यक्ष निवेश: अंतर कंपनी उधार 15.7 17.1 22.8 23.4
कुल बाह्य ऋण 529.3 543.1 558.4 554.5
आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम

सारणी 5: भारत के मुख्य बाह्य ऋण संकेतक
(प्रतिशत, जब तक कि अन्यथा इंगित न किया गया हो)
मार्च समाप्ति बाह्य ऋण (बिलियन अमेरिकी डॉलर) जीडीपी की तुलना में बाह्य ऋण का प्रतिशत ऋण सेवा अनुपात कुल ऋण में विदेशी मुद्रा भंडारों का अनुपात कुल ऋण में रियायतप्राप्त ऋण का अनुपात विदेशी मुद्रा भंडारों की तुलना में लघुकालिक ऋण कुल ऋण की तुलना में लघुकालिक ऋण का अनुपात (मूल परिपक्वता)
1 2 3 4 5 6 7 8
1991 83.8 28.3 35.3 7.0 45.9 146.5 10.2
1996 93.7 26.6 26.2 23.1 44.7 23.2 5.4
2001 101.3 22.1 16.6 41.7 35.4 8.6 3.6
2006 139.1 17.1 10.1# 109.0 28.4 12.9 14.0
2007 172.4 17.7 4.7 115.6 23.0 14.1 16.3
2008 224.4 18.3 4.8 138.0 19.7 14.8 20.4
2009 224.5 20.7 4.4 112.2 18.7 17.2 19.3
2010 260.9 18.5 5.8 106.9 16.8 18.8 20.1
2011 317.9 18.6 4.4 95.9 14.9 21.3 20.4
2012 360.8 21.1 6.0 81.6 13.3 26.6 21.7
2013 409.4 22.4 5.9 71.3 11.1 33.1 23.6
2014 446.2 23.9 5.9 68.2 10.4 30.1 20.5
2015 474.7 23.8 7.6 72.0 8.8 25.0 18.0
2016 484.8 23.4 8.8 74.3 9.0 23.2 17.2
2017 471.0 19.8 8.3 78.5 9.4 23.8 18.7
2018 529.3 20.1 7.5 80.2 9.1 24.1 19.3
2019 सं. 543.1 19.9 6.4 76.0 8.7 26.3 20.0
2020 आं.सं. 558.4 20.6 6.5 85.6 8.8 22.4 19.1
2021 अ 570.0 21.1 8.2 101.2 9.1 17.5 17.7
आं.सं.: आंशिक संशोधित अ: अनंतिम।
# इसकी गणना इंडिया मिलेनियम डिपॉजिट (आईएमडीएस) के 7.1 बिलियन अमरीकी डॉलर की चुकौती और 23.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बाह्य ऋण के पूर्व भुगतान को छोड़कर 6.3 प्रतिशत होती है।

1 आईएमएफ के 2013 के बाह्य ऋण सांख्यिकी (ईडीएस) गाइड में स्थापित अवधारणाएं राष्ट्रीय लेखा प्रणाली (एसएनए) 2008 और 2009 में प्रकाशित आईएमएफ के भुगतान शेष और अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति मैनुअल (बीपीएम 6) के छठे संस्करण के साथ सामंजस्य से किया गया है।

2 एसडीआर: विशेष आहरण अधिकार।


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