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भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमा और ऋण राशियों पर मार्च 2021 तिमाही के लिए सांख्यिकी’ का प्रकाशन

28 मई 2021

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमा और ऋण राशियों पर
मार्च 2021 तिमाही के लिए सांख्यिकी’ का प्रकाशन

आज भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था के डेटाबेस (DBIE) पोर्टल पर “अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की जमा और ऋण राशियों पर मार्च 2021 तिमाही के लिए सांख्यिकी का प्रकाशन” जारी किया (वेब-लिंक: https://dbie.rbi.org.in/DBIE/dbie.rbi?site=publications#!3)। कुल क्रेडिट और डिपॉजिट संबंधी डेटा को उसके प्रकार के अनुसार विभक्त करते हुए राज्य/संघ शासित प्रदेशों (यूटी), जिला, केंद्रों, जनसंख्या समूहों और बैंक समूहों में वर्गीकृत किया गया है। ये डेटा मूलभूत सांख्यिकी विवरणी (बीएसआर)-7 प्रणाली के अंतर्गत अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों सहित) से एकत्र किए गए हैं।1

विशेष:

  • बैंक क्रेडिट वृद्धि (वर्षानुवर्ष) पिछले वर्ष के 6.4 प्रतिशत से घटकर मार्च 2021 में 5.6 प्रतिशत हो गई।

  • शीर्ष छह केन्द्रों (अर्थात ग्रेटर मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता जिसमें कुल बैंक ऋण के 46 प्रतिशत से अधिक है) में बैंक शाखाओं द्वारा संयुक्त ऋण में 2020-21 की अवधि के दौरान मामूली गिरावट आई; दूसरी ओर, वर्ष के दौरान शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बैंक शाखाओं ने क्रमशः 9.4 प्रतिशत, 14.3 प्रतिशत और 14.5 प्रतिशत ऋण वृद्धि दर्ज की।

  • सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के बैंकों ने क्रमशः 3.6 प्रतिशत और 9.1 प्रतिशत ऋण वृद्धि दर्ज की, जबकि विदेशी बैंकों द्वारा 2020-21 के दौरान ऋण देने में गिरावट आई।

  • सकल जमा वृद्धि (वर्षानुवर्ष) मार्च 2021 में पिछले वर्ष के 9.5 प्रतिशत से बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गई: महानगरीय शाखाओं, जिनका कुल जमा राशि के आधे से अधिक भाग है, ने 2020-21 के दौरान लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

  • कुल जमा राशि में चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) जमा की भागीदारी पिछले वर्ष के 42.1 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2021 में 44.1 प्रतिशत हो गई।

  • 2020-21 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की लागत पर निजी क्षेत्र के बैंकों की कुल जमा राशि में और अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण की भागीदारी में वृद्धि हुई।

  • जमा राशियों की तुलना में ऋण में कम वृद्धि होने के कारण अखिल भारतीय ऋण जमा (सी-डी) अनुपात पिछले वर्ष के 76.0 प्रतिशत से घटकर मार्च 2021 में 71.5 प्रतिशत हो गया।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/282


1 मार्च 2021 के रिपोर्टिंग शुक्रवार के लिए पाक्षिक फॉर्म-ए रिटर्न (भारिबैं अधिनियम 1934 की धारा 42 (2) के तहत संकलित) पर आधारित सकल डेटा का प्रकाशन पहले हमारी वेबसाइट (होम>स्टैटिस्टिक्स>डेटा रिलीज>फोर्टनाइटली - शेडयूल्ड बैंक्स स्टेटमेंट ऑफ पोजीशन इन इंडिया) पर किया गया था और चयनित बैंकों के आधार पर मार्च 2021 के लिए बैंक क्रेडिट डेटा का मासिक सकल स्तरीय क्षेत्रीय विनियोजन भी हमारी वेबसाइट (होम>स्टैटिस्टिक्स>डेटा रिलीज>मंथली>बैंक क्रेडिट का क्षेत्रीय विनियोजन पर डेटा) पर प्रकाशित की गई थी।


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